थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर दस माह के न्यूनतम स्तर पर पहुंची

नई दिल्ली। आलू, प्याज सहित ईंधन के दामों में कमी की वजह से जनवरी 2019 में थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 2.76 प्रतिशत पहुंच गई है, जो पिछले दस माह का इसका न्यूनतम स्तर है। केंद्र सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च-2018 के 2.74 प्रतिशत के बाद जनवरी-2019 में थोक मुद्रास्फीति अपने न्यूनतम स्तर पर है।
आंकड़ों के मुताबिक दिसम्बर की तुलना में जनवरी में दूध, फल, आलू और प्याज के थोक भाव में गिरावट दर्ज की गई। दिसम्बर-2018 में खाद्य जिंसों के थोक भाव में सालाना आधार पर 0.07 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई थी। आलोच्य माह में ईंधन एवं बिजली वर्ग में थोक मूल्य मुद्रास्फीति तेजी से गिरकर 1.85 प्रतिशत पर गई। दिसम्बर में इस वर्ग के दाम सालाना आधार पर 8.34 प्रतिशत ऊपर थे। यह गिरावट डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की कीमतों के घटने से है।
विनिर्मित वस्तुओं के वर्ग में भी कुल मिलाकर थोक भाव जनवरी में घटे। वैसे इस वर्ग में चीनी और परिधानों के भाव में तेजी रही। मुद्रास्फीति का दबाव कम होने से रिजर्व बैंक की नीतिगत दर में कमी की संभावना एक बार फिर से बढ़ने की उम्मीद है। मूल्य सूचकांक के आधार पर दिसम्बर-2018 में थोक बाजार की महंगाई दर 3.8 प्रतिशत और जनवरी-2018 में 3.02 प्रतिशत थी।

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