श्री अग्रसेन स्कूल में सीबीएसई परीक्षा टर्म 2 पर सेमिनार

अच्छे रिजल्ट के लिए परीक्षा पैटर्न को समझना जरूरी : नीलकमल

बोर्ड विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन। टर्म टू परीक्षा के बदलाव से हुए अवगत।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (central board of secondary education) ने 10 वीं व 12 वीं की टर्म टू परीक्षा (Exam) का सैंपल पेपर जारी कर दिया है। इसके अनुसार सभी विषयों की परीक्षा में सब्जेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाएंगे। टर्म टू में वस्तुनिष्ठ टाइप के प्रश्न नहीं होंगे। परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी। उक्त बातें श्री अग्रसेन स्कूल (Shree Agrasen School), भुरकुंडा की प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ऑनलाइन सेशन में कही। प्राचार्या ने बताया कि 10 वीं की टर्म टू परीक्षा में 40 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे। जबकि 12 वीं की परीक्षा के प्रायोगिक विषय मे 35 व शेष विषयों में 40 अंक के सवाल होंगे।

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टर्म टू परीक्षा दो घंटे की होगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे बोर्ड द्वारा जारी सैंपल पेपर का अध्ययन करें। परीक्षा पैटर्न के अनुसार अपना माइंड सेट तैयार करें। प्राचार्या ने बच्चों को बताया कि 10 वीं के विज्ञान में प्रश्नों की कुल संख्या 15 व सेक्शन की संख्या तीन होगी। पहले सेक्शन में दो-दो अंकों के सात प्रश्न, दूसरे में तीन-तीन अंको के छह प्रश्न व तीसरे सेक्शन में केस स्टडी वाले चार-चार अंकों के दो प्रश्न रहेंगे। इसी प्रकार एसएसटी में कुल 18 व गणित में 14 प्रश्न पूछे जाएंगे। अंग्रेजी में तीन व हिंदी में दो सेक्शन होगा। बोर्ड परीक्षा के डेटशीट के बाबत कहा कि परीक्षा मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में डेटशीट जारी हो सकती है। टर्म टू परीक्षा के बाद टर्म वन के अंकों को इसमें मिलाकर रिजल्ट जारी होगा।

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प्राचार्या ने यह भी कहा कि इस कोरोनाकाल में अक्सर विभिन्न परीक्षाओं के पैटर्न व आयोजन से संबंधित अफवाहें फैलती रहती है। ऐसी अफवाहों से बचें और पढ़ाई पर फोकस रखें। आधिकारिक सूचनाओं के लिए सीबीएसई की वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है। पढ़ाई के लिए सही टाइम मैनजेमेंट, संतुलित खानपान, अच्छी नींद, देर रात तक पढ़ाई के बजाय सुबह उठकर पढ़ना जरूरी है। विद्यार्थी योग से भी जुड़ें। इससे मन एकाग्रचित होगा। परीक्षा को दबाव के रूप में न लें। अभिभावक भी बच्चों से दोस्ताना व्यवहार करें व समय-समय पर उनकी तैयारी का जायजा लेते रहें।

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