आरबीआई ने 7 बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 31 जनवरी 2019 और 4 फरवरी 2019 को जारी किए गए आदेशों के आधार पर सात बैंकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मौद्रिक जुर्माना लगाया है।
आरबीआई की ओर से बैंकों में जमा निधि के अंतिम उपयोग की निगरानी करने में नाकाम होने, ​​अन्य बैंकों के साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान न कर पाने, बैंक खातों के पुनर्गठन, धोखाधड़ी का वर्गीकरण और उसको रिपोर्ट करने में नाकाम रहने व आरबीआई के विभिन्न निर्देशों के अनुपालन में दोषी पाए जाने के मामले में मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) मानदंडों का पालन न करने एवं धन शोधन निवारण (एएमएल) मानकों पर जारी विभिन्न निर्देशों, विशेषकर 29 नवंबर 2004 और 22 मई 2008 के परिपत्रों में दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर भी मौद्रिक दंड लगाया है।
आरबीआई की ओर से इलाहाबाद बैंक के खिलाफ 15 मिलियन रुपये, आंध्रा बैंक पर 10 मिलियन रुपये, बैंक ऑफ महाराष्ट्र पर 15 मिलियन रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक पर 15 मिलियन रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) मानदंड एवं एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) मानकों को पूरा न कर पाने के लिए एचडीएफसी बैंक लिमिटेड पर 02 मिलियन रुपये, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड पर 02 मिलियन रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड पर भी 02 मिलियन रुपये का जुर्माना लगाया है।
आरबीआई की ओर से बैंकों की विफलता को ध्यान में रखते हुए यह आर्थिक दंड बैंकिंग नियमों के अधिनियम, 1949 की धारा 46A (1) (c), 1949 के प्रावधानों के तहत आरबीआई को प्राप्त अधिकारों के तहत लगाया गया है। यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है।

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