आलू किसानों पर केस के बाद पेप्सिको ने रखा समझौते का प्रस्ताव

नई दिल्ली। दिग्गज अमेरिकी कंपनी पेप्सिको ने अपने पेटेंटेड आलू की खेती को लेकर गुजरात के 4 किसानों पर मुकदमा दर्ज कराने और एक-एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे की मांग के बाद अब नरमी दिखाई है। कंपनी ने किसानों के सामने अपने प्रोग्राम में शामिल होने या अग्रीमेंट पर साइन करने का विकल्प दिया है। कंपनी ने 4 भारतीय किसानों के खिलाफ पेटेंट के उल्लंघन को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है। पेप्सिको ने इन किसानों पर अपने पेटेंटेड आलू की किस्म की अवैध खेती करने का आरोप लगाया है। पेप्सी ने आलू की एफसी5 किस्म उगाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया है। आलू की इस किस्म का इस्तेमाल कंपनी अपने लोकप्रिय लेज पोटेटे चिप्स बनाने के लिए करती है। आलू की इस किस्म में आर्द्रता अपेक्षाकृत कम होती है, जिसके कारण इसका इस्तेमाल पोटेटे चिप्स बनाने में होता है। पेप्सिको इंडिया ने शनिवार को कहा कि कंपनी ने उन लोगों के सामने सहमति से मुद्दे को सुलझाने प्रस्ताव रखा है, जो अवैध रूप से इसके रजिस्टर्ड किस्म के बीच का इस्तेमाल कर रहे थे। कंपनी ने प्रस्ताव रखा है कि वे पेप्सिको के आलू खेती कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे उन्हें अधिक लाभ होगा। नमकीन एवं पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी ने कहा कि यदि वे ऐसा नहीं करना चाहते हैं तो एक अग्रीमेंट पर साइन करके अलग किस्म के आलू का उत्पादन कर सकते हैं। किसानों पर केस को लेकर सफाई देते हुए कंपनी ने कहा कि उन्हें न्यायिक रास्ता हजारों किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लेना पड़ा, जो उनके साथ आलू खेती कर रहे हैं। किसानों के वकील आनंद याग्निक ने बताया कि अहमदाबाद की एक अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख मुकर्रर की है।

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