असुरों को जवाब देने का प्रयास जारी है: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गीता में भगवान कृष्ण ने मानवता के दुष्मनों से रक्षा करने का संदेश दिया है और इस कार्य में उनकी शक्ति हमारे साथ रहती है। उनकी सरकार पूरी प्रमाणिकता के साथ दुष्ट आत्माओं और असुरों को जवाब देने का प्रयास कर रही है। उनकी सरकार के हर फैसले और नीति में सबका साथ, सबका विकास का भाव मौजूद है और वह भ्रष्ट आचरण के खिलाफ कार्य कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मंत्रोच्चार के बीच दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में आकार में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक ग्रंथ गीता का अनावरण किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता धर्मग्रंथ नहीं बल्कि जीवनग्रंथ भी है। हर दिन जब वीर अर्जुन की तरह मनुष्य दोराहे पर खड़ा होता है, उस समय गीता सेवा और समर्पण का रास्ता दर्शाती है। विद्यार्थी हो, राष्ट्राध्यक्ष हो या मोक्ष की कामना कर रहा योगी हो, हर किसी के, हर प्रश्न का उत्तर गीता में मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता मानव जीवन की नियमावली है, जिसमें हर समस्या का हल है।
प्रधानमंत्री ने आज सुबह महात्मा गांधी शांति पुरस्कारों में शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं गांधीजी ने भी जेल में रहते हुए गुजराती में गीता को पढ़ा और उससे प्रेरित होकर उसके एक रूप को ग्रंथ के माध्यम से दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने जेल में रहकर गीता रहस्य लिखी। इसमें निष्काम कर्मयोग की बहुत ही सरल व्याख्या की गई है। ऐसे ही प्रयासों और इस्कॉन के प्रयासों से भारतीय दर्शन को नीचा दिखाने के कई प्रयासों को गीता भक्तों ने कमजोर किया। मोदी ने कहा कि स्वयं भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद स्वामी जी(इस्कॉन के संस्थापक) ने पहले गांधीजी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया औ फिर मानव मुक्ति की अलख जगाने निकल पड़े।
मोदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों में विश्व की समस्याओं का हल मौजूद है, चाहे वह परिवार संकट हो या पर्यावरण संकट। भारतीय दर्शन का योग और आयुर्वेद विश्व की धरोहर है लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वह इन प्रयासों में सरकार की मदद करे।
गीता के अनावरण के पूर्व प्रधानमंत्री मेट्रो के माध्यम से मंदिर पहुंचे। मेट्रो में उनके साथ यात्री फोटो खिंचवाने के लिए लालायित दिखाई दिए। लोगों ने एक-एक कर उनके साथ सेल्फी खिंचवाई।
यह गीता 800 किलोग्राम वजनी है, जिसमें 670 पेज हैं जिसकी लंबाई 12 फीट और चौड़ाई 9 इस्कॉन मंदिर का दावा है कि यह आकार के लिहाज से अबतक की दुनिया का सबसे बड़ी धार्मिक पुस्तक है। इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कांशसनेस(आईएससीओएन-इस्कॉन), जिसे हरे कृष्णा आंदोलन के रूप में जाना जाता है, के दुनिया भर में 400 मंदिर हैं।इस किताब को इटली के मिलान में सिंथेटिक पेपर से प्रिंट किया गया है। यह फट नहीं सकती और यह वाटरप्रूफ भी है। इसमें कई तरह के कलात्मक प्रस्तुतियों को सुंदर तस्वीरों के माध्यम से शामिल किया गया है।

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