अपना वोट बेचे नही जागरूक बनकर मतदान करें: कृष्ण बंगें उरांव

गुमला: तीन बार लोकसभा व एक बार विधानसभा चुनाव लड़ चूके कृष्ण बंगें उरांव ने प्रेस वार्ता कर कहा कि चार बार मैने चुनाव लड़ा पर दुर्भाग्य से जनाधार मुझे नही मिला पर आज भी यहां की राजनैतिक लगाव मन से बाहर निकाल नही पाया हूं। श्रीकृष्ण बंगें उरांव ने बताया कि मैं इस इलाके के लिए जाना पहचाना नाम हूं लोग आज भी पूछतें हैं कि चुनाव लड़ रहें हैं कि नही । कृष्ण बंगें उरांव ने कहा कि मैनें एल,एल,बी ,एम,ए,भी की है मेरी दिल्ली तमन्ना थी कि जनता एक सेवा का मौका देती पर ऐसा नही हो सका उन्होनें क्षेत्रिय राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि धन,बल और राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशी पर लोगों का झूकाव बन जाता है। उन्होनें बताया कि सन्  1989,1991,व 1996लोकसभा और एक बार विधानसभा चुनावी मैदान में भाग्य आजमा चूका हूँ- लोकसभा चुनाव एवं बिशुनपुर क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में क्षेत्र के चमरा लिंड़ा से टक्कर हुई थी कृष्ण बंगें उरांव ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में भी टिकट की छीना झपटी से कांग्रेस को नूकसान होगा केन्द्र के कांग्रेस पार्टी के विचारधारा को आढ़े हाथो लेते हुए कहा कि वंशतंत्र हावी हो गया है सुखदेव भगत भी उस राह पर है लोहरदगा जिला परिषद पर उनकी पत्नी ने कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ा और अध्यक्ष पद पर विराजमान हुई है उन्होनें यह भी कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी खुद विधायक पद पर है फिर भी सतालोभ में आकर अब सांसद के लिए हाथ पैर मार रहे हैं। उन्होनें लोकसभा चुनाव2019 पर ध्यान केन्द्रीत करते हुए कहा कि लोहरदगा से कांग्रेस पार्टी के लिए अनेकों नाम गए पर डॉ रामेश्वर उरांव, अरूण उरांव की जगह कांग्रेस ने टिकट सुखदेव भगत को देकर अपने ही पार्टी के अंदर विद्रोह की स्थिति बना दी है। उन्होनें कहा कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर होगी। विधायक चमरा लिंड़ा के वोट बैंक का पूरा फायदा इस चुनाव में कांग्रेस को नही होने जा रहा है चुनावी मैदान में बसपा, झापा सहित निर्दलीय सभी को मत प्राप्त होगें कांग्रेस की अंतरकलह और चमरा लिंड़ा के चुनावी मैदान पर नही होने से वोटों का धुर्वीकरण निश्चित है। उन्होनें आम मतदाताओं से निवेदन करते हुए कहा है कि अपने वोटों को किसी भी पार्टी के बहकावे में ना आकर एक जागरूक मतदाता बन कर क्षेत्र के विकास के लिए सोच समझ कर जरूर मतदान करने के लिए अधिक से अधिक प्रतिशत में मतदान करने के लिए 29 अप्रैल को मतदान केंद्र पहूंचें और लोकतंत्र को मजबूत करें।

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