खीरे के फायदे ही फायदे

आयुर्वेद के अनुसार खीरा स्वादिष्ट, शीतल, प्यास, दाहपित्त तथा रक्तपित्त दूर करने वाला रक्त विकार नाशक है। खीरा व ककड़ी एक ही प्रजाति के फल हैं। खीरे में विटामिन बी व सी, पोटेशियम, फास्फोरस, आयरन आदि विद्यमान होते हैं। -पेट की गैस, एसिडिटी, छाती की जलन में नियमित रूप से खीरा खाना लाभप्रद होता है। -जो लोग मोटापे से परेशान रहते हैं उन्हें सवेरे इसका सेवन करना चाहिए। इससे वे पूरे दिन अपने आपको फ्रेश महसूस करेंगे। खीरा हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। -खीरे को भोजन में…

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मूड बिगाड़े तन की दुर्गंध

विपिन आज बहुत ही रोमांटिक मूड में था। वह बैडरूम में लेटा पत्नी रश्मि का बेताबी से इंतजार कर रहा था। वह अंगरेजी फिल्म देख कर आया था। उस में नायक-नायिका के कई अंतरंग दृश्य थे। नायिका का निर्वस्त्र और गुदाज बदन उस के मन में बसा था। वह आज की रात ठीक फिल्म के नायक की तरह रश्मि से प्यार करना चाहता था। वह उसे पाने के लिए बहुत ही बेकरार था। रश्मि उस की भावनाओं से अनजान आराम से किचन का काम निबटा कर बैडरूम में आई। विपिन…

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मात दें पेट के भारीपन को

क्या डिनर में भारी खाना खाए बिना अक्सर आपका पेट असुविधाजनक रूप से भारी लगता है? यहां बताए गए सुझाव आपको राहत दे सकते हैं: क्या आप इस समस्या से परेशान हैं कि आपका पेट आपको हॉट एयर बलून जैसा दिखाता है, तो आप अकेली नहीं हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के पास लोगों की जो सबसे आम शिकायतें आती हैं, वो हैं बदहजमी, गैस की तकलीफ, हार्ट बर्न, एसिडिटी और ब्लॉटिंग यानी पेट का भारीपन। हमने एक्सपर्ट्स से बात की और जाना कि क्या हमारी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव इस परेशानी को…

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सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, कई बीमारियां भी भगाता है नींबू

नींबू सर्वसुलभ बहुउपयोगी और अनूठा फल है। मूल रूप से भारतीय फल नींबू की महत्ता आज विश्व भर में जानी जाती है। पाश्चात्य देशों में प्रचलित पेय लेमनेड नींबू से तैयार किया जाता है। यही नहीं नींबू का उपयोग विभिन्न औषधियां बनाने में खूब किया जाता है। आयुर्वेद ने इसे एक महत्वपूर्ण फल माना है। अम्लीय गुणों से युक्त यह अनूठा फल मानव के लिए एक अनुपम देन है। नींबू को हमारे यहां सर्वश्रेष्ठ रोग नाशक और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाले फल के रूप में प्राचीन काल से ही…

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अधिक ऊर्जा का स्त्रोत साबुत अनाज

दुनिया आज जिन्हें होल ग्रेन्स कह कर उन्हें खाने पर जोर दे रही है, वो हमारे पूर्वजों के भोजन का अहम हिस्सा रहे हैं। साबुत अनाज कहे जाने वाले होल ग्रेन्स को आज भी गांवों में खूब खाया जाता है, पर शहरों से ये गायब हो रहे हैं। आप इन्हें कैसे खा सकते हैं, बता रहे है हम…. आपको याद होगा कि दादी-नानी के घर में अकसर बाजरे की रोटी, चोकर वाला गेहूं का आटा, मकई, भुना काला चना आदि खाया-खिलाया जाता था। पर पिछली एक पीढ़ी से शहरों में…

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कैसे बचें साइडेलहेम्स कोरिया (एसडी) डिजीज से

-डॉ. सुमित सिंह- सीडेंहम कोरिया को कोरिया माइनर, रूमेटिक कोरिया, सेंट वाइटस डांस और सींडेहम डिजीज के नाम से भी जाना जाता है। यह एक दुर्लभ किस्म का न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर यानी तंत्रिकातंत्र संबंधी विकार है। इस विकार के होने पर रोगी के शरीर, खासकर चेहरा, हाथ और पैर में तेज, अनियंत्रित और बिना किसी कारण के हरकत होने लगती है। इस बीमारी के होने पर शुरुआत में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन इंफेक्शन होने के छह महीने के बाद जब रोगी जब गंभीर रूप से बीमार हो…

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पित्त और कफ विकारों का घरेलू उपचार है गूलर

मोरासी परिवारी का सदस्य गूलर लंबी आयु वाला वृक्ष है। इसका वनस्पतिक नाम फीकुस ग्लोमेराता रौक्सबुर्ग है। यह सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। यह नदी−नालों के किनारे एवं दलदली स्थानों पर उगता है। उत्तर प्रदेश के मैदानों में यह अपने आप ही उग आता है। इसके भालाकार पत्ते 10 से सत्रह सेमी लंबे होते हैं जो जनवरी से अप्रैल तक निकलते हैं। इसकी छाल का रंग लाल−घूसर होता है। फल गोल, गुच्छों में लगते हैं। फल मार्च से जून तक आते हैं। कच्चा फल छोटा हरा होता है पकने…

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शाकाहारी भी पा सकते हैं पूरा पोषण

मांसाहारियों को काफी हद तक उनके भोजन से पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती हैं। लेकिन इस मामले में कई बार शाकाहारी पीछे छूट जाते हैं। कई ऐसे पोषक तत्वों की इनमें कमी पाई जाती है। ऐसा नहीं है कि शाकाहारी भोजन से पूर्ण पोषण नहीं पा सकते, बस जरूरत होती है अपने भोजन को सही अनुपात और तरीके से लेने की। प्रोटीन का पोषण महिलाओं को प्रतिदिन 46 ग्राम और पुरुषों को 56 ग्राम प्रोटीन हर दिन आवश्यक होता है। वैसे यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, हाइट और वजन…

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छोटी परेशानी बड़ी बीमारी का सिग्नल तो नहीं

सामान्य तौर पर लोगों को जुकाम, खांसी, बुखार और सर्दी जैसी बीमारियां तो होती ही रहती हैं। इसलिए इससे बचने के लिए हम कोई न कोई उपाय कर लेते हैं। मगर इसके अलावा कई अन्य बीमारियां भी हैं जो सामान्य या छोटी लगती हैं, ऐसे में इनके लक्षण जानना बेहद जरूरी है। ताकि आगे चलकर यह समस्या बड़ी न हो जाए। आइए जानते हैं कुछ सामान्य लक्षण, जिनके बारे में जानकारी होनी चाहिए… ऐंठन या जकड़न अगर मांसपेशियां ज्यादा जकड़ जाएं तो यह दर्दभरा हो सकता हैद्य मांसपेशियों में जकड़न…

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