मांसपेशियों में खिंचाव के इलाज

डा एस एन यादवराम प्यारी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलबरियातु(रांची) मोच एक समान्य सी दर्द समस्या है,जिसमें हाथ या पैर के मांसपेशियों , लिगामेंट और जोड़ो में खिंचाव आ जाता है। मोच अक्सर कलाई, अंगूठा, घुटना और टखने में आती है। खिंचाव मोच से अलग है।यह तंतु ( टेंडन) में चोट के कारण होता है। तंतु ऊतकों की बनी रेशेदार धागेनुमा रचना है जो मांसपेशियों को को हड्डी से जोड़ती है।डाकटरी भाषा मे खिचाव के विचित्र नाम रखे गए है।हेम्स्ट्रिंग स्ट्रेन (पैरों के पिछले हिस्से में खिचाव)हैं।गेस्ट्रोक्नीमियस और सोलस (घुटने से एड़ी…

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फ्रैक्चर में वरदान-आर्थोस्कोपी

दुर्घटना मे कोहनी और कन्धे का चोट को काफी खतरनाक माना जाता है।लुढकने और पटकाने के बाद बचने के लिए हमलोग कंधे और केहुना को सबसे पहले जमीन से लगाते हैं।जिसके कारण इन दोनो का चोटग्रसत और फ्रैक्चर होना स्वाभाविक है। हाथ और पैर के फ्रैक्चर की तुलना में केहुनी या कंधा का फ्रैक्चर बिल्कुल भिन्न होता है। चूंकि कंधा और केहुना मे ज्वाइंट या जोड़ होता है।जिसके सहारे हम उसे दाहीने या बांए मोड़ते है।इसलिए इसके चोटग्रसत होने पर साधारण प्लास्टर लगाकर काम नही चलता है। जोड़ पर यदि…

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ढलती उम्र बुढ़ापे का जिक्र

डा एस के निरालाफिजिशियन द्वारिका अस्पताल (महिलौग) ६० वर्ष पार करते ही कई तरह की बिमारियों का जन्म होने लगता है। जिरायट्रीक डिजीज के पहचान और प्रबंधन को आइए समझें। खून में चर्बी का बढना बुढ़ापे की सबसे आम बिमारी है।इसी कारण हर्ट मे ब्लाकेज, हृदयाघात और किडनी में खराबी आने लगती है।तेल घी और चर्बी का प्रयोग कम से कम करना और मार्निंग वाक इसका सरल उपचार है।जोड़़ो, कुल्हा, घुटना और एड़ी में दर्द (गठिया) बुढापे की दूसरी बड़ी समस्या है। घुटनो के बीच का गददा घीस जाना (आर्थराइटिस)…

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करंट जैसा दर्द , उंगलियों का सुन्न पड़ना और झुनझुनी

डा एस एन यादवहड्डी और स्पाइन विशेषज्ञमां रामप्यारी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटलबरियातु रोड दुर्घटना, पेड़ या छत से गिरने के बाद आमतौर पर फ्रैक्चर से युक्त एक विशेष लक्षण वाले मरीज मेरे पास अक्सर आते हैं। जिसमे मरीज को चीख निकलने वाली बिजली के करंट जैसा दर्द और झुनझुनी होता है।हाथ या पैर लकवाग्रस्त हो जाता है।इसे स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन बिमारी कहते हैं। दुर्घटना के अलावा यह अधिक उम्र के बूढ़े लोगों,स्पोंडिलोलिस और स्पाइन एलाइनमेंट के बिगड़ने कारण भी होता है। इसमें पारम्परिक इलाज बिल्कुल काम नहीं करता यदि स्पाइनल कार्ड…

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युवाओं में कमर दर्द की समस्या

डा जितेंद्र सिन्हाहड्डी और नस रोग विशेषज्ञजसलोक अस्पतालइटकी रोड (बजरा) कमर दर्द आमतौर पर बुढ़ापे की समस्या मानी जाती है। पिछले कुछ वर्षों मे २५ से ४० वर्ष के नौजवान तबका कमर दर्द की समस्या से अधिक प्रभावित हैं।इसके पीछे आधुनिक जीवन शैली को मुख्य रूप से जिम्मेवार है। मोटे गद्देदार फोम पर सोना और सोफे और गाड़ियों मे मोटे-मोटे तकिये का प्रयोग समृद्धि का प्रतिक माना जाता है।जो पीठ के मांसपेशियों में खिंचाव और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बनाते हैं। वर्क फ्राम होम और लौक डाउन ने कम्प्यूटर…

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मुड़ने वाले हड्डीयों के टुटने पर प्लास्टर से जोड़ने का अर्थ है- जीवन भर अपंगता:

डा एस एन यादवहड्डी और ज्वाइंट रोग विशेषज्ञमां रामप्यारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालबरियातु (रांची) सड़क दुर्घटना ,जानवर के पटक देने के बाद वृक्ष और सीढी से गिरने के बाद प्रायः कोहनी, उंगलियां और कंधा टुट जाते है।कंधा ,कलाई ,उॅगली और केहुना मे ज्वाइंट या जोड़ होता है।जिसके सहारे हमलोग हाथ और बाहों को मोड़ते है।भूलवश इन अंगों पर प्लास्टर लगा दिया जाए तो मरीज को जीवन भर अपाहिज रहने की नौबत आ सकती है क्योंकि प्लास्टर लगने से हड्डी के साथ जोड़ भी आपस में जुड़ जाते हैैं। जिससे उसका मुड़ना…

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एसीएल रिकंस्ट्रक्शन : स्पोर्ट्स इंजुरी का झटपट ईलाज

डा एस एन यादवहड्डी रोग विशेषज्ञमां रामप्यारी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल फुटबॉल, बास्केटबॉल, जिम्नास्टिक्स जैसे खेल में दौड़ने के दौरान जोर से कूदने,अचानक रुक जाने और पीछे की तरफ घूम जाने से घुटनों पर सीधा आघात पहुँचता है। जिससे कई बार घुटनों में तेज दर्द और स्थाई सूजन आ जाता है। ऐसे में दर्द निवारक दवाएं काम नहीं करती क्योंकि ऐसे चोट में एसीएल लिगामेंट चोटिल हो जाते हैं। घुटना ऐसी जगह है जहाँ पर जांघ और पिंडली की हड्डी चार लिगामेंट्स की सहायता से मिलती है, और पूरे शरीर के…

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सुरक्षित प्रसव के लिए ठंड के मौसम में सावधान रहें गर्भवती महिलाएं

ठंड धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगा है। खासकर शाम से लेकर सुबह देर तक कुहासा से तापमान में भारी गिरावट और ठंड में वृद्धि होने लगी है। ऐसे स्वास्थ्य को लेकर हर किसी को विशेष सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। ताकि ठंड जनित बीमारी की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। खासकर गर्भवती महिलाओं को तो और सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि, सर्दी के मौसम में गर्भवती महिला को सर्दी-खांसी समेत अन्य ठंडजनित मौसमी बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। इससे बचाव के…

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Health : आखिर आँखों केलिए आँशु क्यों आवश्यक है…

डॉ एस के निरालाद्वारिका अस्पतालमहिलौग (रांची) किसी के आँखों से आंसू देखकर प्राय यह समझा जाता है कि सामने वाला भारी तकलीफ मे है. दूसरी ओर आँखों मे आँसू की एक पर्याप्त परत देखकर नेत्र रोग चिकित्सक खुश होते है। वे अनुमान लगाते है कि मरीज का आँख स्वस्थ और आरामदायक अवस्था मे है। क्योकि आंसू आंखों को 24 घन्टे पर्याप्त लुब्रिकेसन और नमी देता रहता है। 65 वर्ष के बुजुर्ग, मोतियाबिंद और लेजर सर्जरी के पश्चात आँखों के आंसू बनना कम हो जाता है। ऑंखें सूख जाती है। ऐसा…

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Health : कोरोना महमारी मे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवाओ का फैशन…

डॉ जितेन्द्र सिन्हाजसलोक अस्पताल(बजरा) रांची कोरोना महमारी मे प्रतिरोधक क्षमता (इमयुन) बढाने की दवाओ का मानो फैशन आ गया है। आयुर्वैदिक दवाओ की मानो मौजा ही मौजा। च्यवनप्रास, गिलोए, गौमूत्र और काढा लेने के जब इतने प्रयास हो रहे है तो कोरोना दुगने रफ़्तार से क्यो बढ रहा है? आइए विज्ञान के चश्मे से इस फर्जीवाड़ा को समझे। प्रतिरोधक क्षमता बढाना एक जटिल और लम्बी प्रक्रिया है।इतना सरल होता तो पश्चिमी देश कोरोना के वैक्सीन के बजाय एक आलराउंडर वैक्सीन बना देते। पूरी दुनिया को सभी वायरस से एक साथ…

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