घर व ऑफिस की जिम्मेदारी के बीच निकाले कुछ पल खुद के लिए भी

-अनुष्का श्रीवास्तव-

टाइम मैनेजमेंट यानी समय प्रबंधन जितना जरूरी बड़े शहरों की महिलाओं के लिए है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी छोटे शहरों में रहने वाली गृहिणियों के लिए है। शहरों में जहां महिलाएं घर व ऑफिस की जिम्मेदारी निभाने के बाद भी खुद के लिए थोड़ा बहुत समय निकाल ही लेती हैं, वहीं छोटे शहरों में रहने वाली महिलाओं के पास न तो किसी शनिवार की छुट्टी होती है और न ही उनके लिए कोई रविवार होता है। उन्हें तो सप्ताह के सातों दिन लगातार बिना रुके काम करना होता है। छोटे शहरों में महिलाओं के पास अपने परिवार और बच्चों के लिए तो समय निकल जाता है, लेकिन खुद के लिए समय निकालने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। तो आइए जानते हैं कि कैसे वे अपने व्यस्ततम समय में से खुद के लिए समय निकाल सकती हैं।

उपयोगी टिप्स…

-सबसे पहले उठते ही आपको अपने पूरे दिन का रूटीन बनाना होगा। आप अपने हिसाब से काम को वरीयता दें। रूटीन बनाने से यकीन मानिये आपका काफी समय बच सकता है। हर काम को एक निश्चित समय पर पूरा करने का टारगेट बनाएं।

-घर में अगर दो-तीन महिलाएं हैं, तो एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हुए अपने-अपने काम बांट लें। इससे काम जल्दी भी हो जाएंगे और किसी को थकान भी नहीं होगी। बांटकर काम करने के बाद जो समय बचेगा, उसका उपयोग आप अपने हिसाब से कर सकती हैं।

-अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें, क्योकि आमतौर पर महिलाएं अपना ध्यान नहीं रखती हैं। इसके लिए योगा व मेडिटेशन का सहारा लें।

-कोशिश करें कि दिनभर के काम दोपहर से पहले ही पूरे कर लें। फिर चाहें वो बच्चों के लिए खाने की तैयारी करना हो या घर के बाकी काम ही क्यों न हों। फिर बच्चों के स्कूल से आने के बाद उन्हें खाना खिलाकर सुला दें व साथ में थोड़ी देर खुद भी आराम कर लें। अगर आपको दिन में सोने की आदत नहीं है, तो गर आपमें कोई हुनर है तो उसे निखारने में समय लगाएं।

-सप्ताह में एक बार आप अपने परिवार के साथ आउटिंग पर जरूर जाएं, क्योंकि ऐसा करने से आप में आने वाले पूरे हफ्ते के लिए जोश पैदा होगा व किसी काम को करने में नीरसता नहीं आएगी।

-घर परिवार में रहने वाली अधिकतर महिलाएं हर काम को करने के लिए हां ही कहती हैं, जिस वजह से वे हद से ज्यादा थक जाती हैं और फिर उनमें अपने लिए कुछ नया करने की हिम्मत नहीं रहती। इससे बचने के लिए ना कहना भी सीखें। जिस काम को करने में आपको परेशानी होती हो, उसे नाकहना ही बेहतर होगा। अगर आप ऐसा नहीं करती हैं, तो समझ लें कि आप कभी भी अपने लिए फ्री टाइम नहीं निकाल सकतीं।

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