अब ट्रकचालकों को 8 भाषाओं में बताएगा मोबाइल ऐप ‘सफर’, कहां है ट्रैफिक जाम

नई दिल्ली। ट्रांसपोर्टरों को सड़कों पर आवाजाही के दौरान संभावित वास्‍तविक समस्‍याओं का अनुमान लगाने में मदद के लिए केंद्र सरकार ने मोबाइल ऐप ‘सफर’ लॉन्च किया। यह ऐप उस स्‍थान को स्‍वत: ही रिकॉर्ड कर लेगा जहां कोई समस्‍या उत्‍पन्‍न हुई थीसपोर्टरों एवं ट्रक चालकों के साथ-साथ आम जनता भी लॉजिस्टिक्‍स से संबंधित समस्‍याओं से वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय को अवगत कराने के लिए इस ऐप का उपयोग कर सकती है। यह ऐप 8 भाषाओं में उपलब्‍ध है। इस मोबाइल ऐप को वाणिज्‍य मंत्री सुरेश प्रभु ने मंगलवार को दिल्ली में लॉन्च किया।
इस अवसर पर वाणिज्‍य मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक्‍स लागत अन्‍य देशों की तुलना में बहुत ज्‍यादा है। भारत ने अब विश्‍व में सबसे दक्ष लॉजिस्टिक्‍स प्रदाता बनने का लक्ष्‍य रखा है। इसके लिए वाणिज्‍य मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय लॉजिस्टिक्‍स नीति का मसौदा तैयार किया है। यह नीति देश में लॉजिस्टिक्‍स के एकीकृत विकास के लिए समग्र विजन एवं दिशा उपलब्‍ध कराएगी। इस नीति का उद्देश्‍य एक एकीकृत, निर्बाध, विश्‍वसनीय एवं किफायती लॉजिस्टिक्‍स नेटवर्क के जरिए आर्थिक विकास की गति तेज करना और व्‍यापार से जुड़ी प्रतिस्‍पर्धी क्षमता बढ़ाना है। लॉजिस्टिक्‍स दरअसल ‘कारोबार में सुगमता’ का एक अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण घटक है, क्‍योंकि कारोबार में 80 प्रतिशत सुगमता लॉजिस्टिक्‍स से ही संबंधित होती है।
भारत में लॉजिस्टिक्‍स से जुड़ा व्‍यवसाय 160 अरब अमेरिकी डॉलर का है और यह प्रति वर्ष 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इस नीति का मुख्‍य उद्देश्‍य लॉजिस्टिक्‍स लागत को सकल घरेलू उत्‍पाद(जीडीपी) के मौजूदा 14 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत पर लाना, इस सेक्‍टर में 10-15 मिलियन और रोजगारों को सृजित करना, सभी लॉजिस्टिक्‍स एवं व्‍यापार सुविधा के लिए एकल बिंदु बनना तथा देश में कृषि-लॉजिस्टिक्‍स सुविधा प्रदान कर कृषि क्षेत्र में होने वाले नुकसान को घटाकर 5 प्रतिशत से भी कम के स्‍तर पर लाना है।

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