मनरेगा घोटाला: दो पूर्व कार्यपालक व एक पूर्व कनीय अभियंता के खिलाफ केस दर्ज होगा

पाकुड़। मनरेगा में बगैर तालाब निर्माण कराए फर्जी तरीके से लाखों रुपये की निकासी किए जाने के आरोप में लघु सिंचाई विभाग के तीन अभियंताओं के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। इनमें से दो तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अर्जुन मांझी व रविभूषण राय तथा कनीय अभियंता अनिल कुमार चौधरी के नाम शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 में लिट्टीपाड़ा प्रखंड के तालपहाड़ी पंचायत के गांदोपहाड़ी गांव में मनरेगा योजना के तहत बगैर तालाब निर्माण कराए उसके नाम पर फर्जी तरीके से राशि की निकासी कर ली गई थी। विभागीय स्तर से इसकी जांच कराई गई तो शिकायत सही पाई गई। इसके तहत सरकार के विशेष सचिव रमेश कुमार दूबे ने डीडीसी रामनिवास यादव को तीनों अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। विशेष सचिव दूबे के निर्देशानुसार डीडीसी रामनिवास यादव ने बीडीओ लिट्टीपाड़ा सत्यवीर रजक को तीनों अभियंताओं के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है। तीनों आरोपित अभियंता सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) अथवा नियम 139 के तहत लगाए गए आरोपों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कालबाधित श्रेणी में माना जा रहा है। उक्त तीनों अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। 

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