गर्मियों की छुट्टियों में फैमिली संग जाने के लिए बेहतरीन हैं ये डेस्टिनेशन्स

गर्मी की छुट्टियां आने वाली हैं। बच्चों की जिद होती है कि ऐसी जगह घूमने चलें जहां वो एन्जॉय कर पाएं। तो वहीं पत्‍‌नी चाहती है कि डेस्टिनेशन ऐसा हो जहां समंदर के किनारे खूब मस्ती भी हो जाए और मन भर के शॉपिंग भी। आप चाहेंगे कि नेचर के करीब या किसी हेरीटेज साइट पर जाकर इतिहास से रूबरू हों या फिर जंगल के बीच चिडिय़ों की चहचहाट के बीच भोर हो। आपके परिवार का जो चाहे मत हो, हर विकल्प है आपके पास, तो फिर देर क्यों? जल्दी…

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भव्य नक्काशीदार खम्भों पर खड़ा है पंचमहल, हिन्दुत्व का दिखता है प्रभाव

फ़तेहपुर सीकरी में ”जोधाबाई महल” से निकल कर सामने की ओर ही सुनहरा मकान और ”पंचमहल” है। पंचमहल के बारे में कहा जाता है कि शाम के वक्त बादशाह यहाँ अपनी बेगमों के साथ हवाखोरी करता था। 176 भव्य नक़्क़ाशीदार खम्भों पर पंचमहल खड़ा है। पंचमहल का निर्माण मुग़ल बादशाह अकबर द्वारा करवाया गया था। यह इमारत फ़तेहपुर सीकरी क़िले की सबसे ऊँची इमारत है। पिरामिड आकार में बने पंचमहल को ‘हवामहल’ भी कहा जाता है। इसकी पहली मंज़िल के खम्भों पर शेष मंजिलों का सम्पूर्ण भार है। पंचमहल या…

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चेरापूंजी जहां होती है दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश, यहां और भी बहुत कुछ है खास

पहाड़ों पर बरसात का मौसम बहुत ही खूबसूरत और रोमांटिक होता है और फिर चेरापूंजी में तो 12 महीने बरसात होती ही रहती है। ऐसे में यहां के मौसम के तो कहने ही क्या। सबसे ज्यादा बारिश  का रिकॉर्ड दर्ज होने की वजह से चेरापूंजी को ”वेटेस्ट प्लेस ऑफ द वर्ड” तथा ”बारिश की राजधानी” भी कहा जाता है। सदाबहार मौसम के कारण ही यहां साल भर टूरिस्ट्स का आना-जाना लगा रहता है। मेघालय की राजधानी शिलांग से चेरापूंजी केवल 56 किमी. दूर है। रास्ते में चढ़ाई है, लेकिन ज्यादा…

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सौंदर्य का बेशकीमती तोहफा लिक्टेंस्टाइन

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस छोटे से देश में पर्यटन का हर मिजाज मौजूद है. यहां की हरियाली, पहाड़ व बर्फ के पर्वत देख कर यकीन मानिए आप गद्गद हो जाएंगे. पिछले दिनों जब हम लोग स्विट्जरलैंड के एक पूर्वी नगर में थे तो अचानक एक स्विस मित्र ने सलाह दी कि क्यों न आज रात्रि का भोजन हम एक नए देश में लें. मु झे कुछ हैरानी हुई. क्योंकि शाम 6 बजे तक तो हम स्विस कंपनी के दफ्तर में ही रहेंगे. मेरे पूछने पर मेरे मित्र ने बताया…

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लैंसडाउन की हसीन वादियां

उत्तराखंड के गढ़वाल में स्थित लैंसडाउन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 1706 मीटर है। यहां की प्राकृतिक छटा सम्मोहित करने वाली है। यहां का मौसम पूरे साल सुहावना बना रहता है। हर तरफ फैली हरियाली आपको एक अलग दुनिया का एहसास कराती है। दरअसल, इस जगह को अंग्रेजों ने पहाड़ों को काटकर बसाया था। खास बात यह है कि दिल्ली से यह हिल स्टेशन काफी नजदीक है। आप 5-6 घंटे में लैंसडाउन पहुंच सकते हैं। अगर आप बाइक से लैंसडाउन जाने की प्लानिंग कर रहे…

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पूरब का स्कॉटलैंड कहलाता है शिलांग

लांग अब मेघालय की राजधानी है। एक समय था जब पूर्वोत्तर के सातों राज्यों की राजधानी शिलांग हुआ करती थी। तब इसे नेफा प्रांत के नाम से जाना जाता था। पर 1972 में नेफा सात राज्यों में विभाजित हो गया और शिलांग सिर्फ मेघालय की राजधानी बना। भौगोलिक रूप से मेघालय सात जिलों में बंटा हुआ है और यहां तीन जनजाति के लोग पाए जाते है-खासी, गारो और जयंतिया। मेघालय में ईस्ट, वेस्ट और साउथ गारो हिल्स की पहाड़िया तुरा के आसपास हैं जो गारो जनजाति के रूप में पहचानी…

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रहस्यमय सौंदर्य की भूमि हैं सिक्किम की वादियां

हिमालय की गोद में बसे सिक्किम राज्य को प्रकृति के रहस्यमय सौंदर्य की भूमि या फूलों का प्रदेश कहना गलत नहीं होगा। वास्तव में यहां के नैसर्गिक सौंदर्य में जो आकर्षण है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। नदियां, झीलें, बौद्ध मठ और स्तूप तथा हिमालय के बेहद लुभावने दृश्यों को देखने के अनेक स्थान, ये सभी हर प्रकृतिप्रेमी को बाहें फैलाए आमंत्रित करते हैं। विश्व की तीसरी सबसे ऊंची पर्वतचोटी कंचनजंगा (28156 फुट) यहां की सुंदरता में चार चांद लगाती है। सूर्य की सुनहली किरणों की आभा में नई-नवेली दुलहन की…

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पंद्रहवीं सदी के वास्तुशिल्प का अद्भुत उदाहरण है बूंदी किला

राजस्थान के बूंदी जिले का तारागढ़ किले का निर्माण यहां के राजा राववर सिंह ने पंद्रहवीं शताब्दी में करवाया था। 1426 फीट की ऊंचाई पर अरावती की पहाड़ियों में स्थित यह किला आज भी अपनी विशालता से लोगों का ध्यान बरबस खींच लेता है। किले की प्राचीर का निर्माण जयपुर के फौजदार दलेल सिंह ने करवाया था। दुर्ग में चार बडे कुंडल हैं। रहने के लिए सुंदर महल और निवास हैं। किले का आकर्षण एक काफी ऊंची बुर्ज है जिसे भीम बुर्ज के नाम से पुकारा जाता है। बुर्ज के…

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इंद्रधनुषी छटाओं वाला देश है दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका शक्ति एवं ऊर्जा से संपन्न ऐसा सुंदर एवं आकर्षक देश है जिसकी विशिष्टताओं से दुनिया भर के लोग यहां खिंचे चले आते हैं। पहली बार अफ्रीका की सैर पर निकले सैलानी दक्षिण अफ्रीका से अपने सफर की अच्छी शुरुआत कर सकते हैं। यहां के अनुकूल मौसम में आप प्र-ति एवं वन्य जीवों को करीब से देख सकते हैं। यदि आप दक्षिण अफ्रीका के विश्व प्रसिद्ध सौंदर्य का संपूर्ण आनंद लेना चाहते हैं तो आपको यहां की इंद्रधनुषी छटा का हर रंग करीब से देखना होगा। प्रा-तिक सौंदर्य दक्षिण…

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दक्षिण भारत का बनारस है रामेश्वरम, नेचर लवर्स जरूर घूमें यहां

हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं, जो शहर की भीड़-भाड़ से दूर ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं, जहां उन्हें प्रकृति के करीब जाने का मौका मिले और साथ ही उन्हें कुछ दिलचस्प जगहों पर घूमने का मौका मिल सके। आज हम आपको सैर करवाएंगे रामेश्वरम की, जिसे दक्षिण भारत का बनारस भी कहा जाता है। तमिलनाडु के मदुरै से रामेश्वरम की दूरी करीब 169 किलोमीटर है। इसे ‘दक्षिण भारत का बनारस’ कहा जाता है यानी बनारस की तर्ज पर आप यहां जगह-जगह मंदिर और ‘तीर्थम’ यानी पानी…

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