देश में खुलेंगे 82 नए मेडिकल कॉलेज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में राज्यों के सहयोग से अलग-अलग जिलों में 82 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना करेगी। यह मौजूदा जिला या रेफरल अस्पतालों से संबंध होंगे। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि योजना के पहले चरण में 20 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 58 जिलों की पहचान कर उन्हें मंजूरी दी गई है। एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की कुल लागत  189      करोड़ रुपये है।    इस स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित मेडिकल कॉलेजों के लिए राज्यों को 7325.10 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 22 मेडिकल कॉलेज चालू हो गए हैं।
राजस्थान में 7, मध्य प्रदेश में 7, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में पांच-पांच, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश में तीन-तीन, छत्तीसगढ़ में 2    मौजूदा जिला व रेफरल     अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए केंद्र द्वारा प्रायोजित स्कीम के पहले चरण में अनुमोदित हुए हैं। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, हरियाणा, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब में एक-एक मेडिकल कॉलेज खुलेगा।
योजना के दूसरे चरण में 8 राज्यों में 24 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए पहचान की गई है। इस चरण के अंतर्गत एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की कुल लागत 250 करोड़ रुपये हैं। राज्य सरकारों ने इन स्थानों को चुनौती के आधार पर(चैलेंज मोड) चिन्हित किया है। 24 मेडिकल कॉलेजों में से अभी तक 17 को अनुमोदित कर दिया गया है और 850 करोड़ रुपये की निधियां राज्य सरकारों को जारी कर दी गई हैं।
दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थ नगर, देवरिया, गाजीपुर और मिर्जापुर में, पश्चिम बंगाल के बारासात, उलूबेरिया, आराम बाग, झारग्राम, और तामलुक, बिहार के सीतामढ़ी, झंझारपुर, सिवान, बक्सर और जमुई में, इसके अलावा झारखंड के कोडरमा और चाईबासा में मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। साथ ही मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और सिक्किम में एक-एक मेडिकल कॉलेज को भी मंजूरी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय मौजूदा जिला या रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए केंद्र द्वारा प्रायोजित स्कीम को चलता है। इसमें केंद्र और राज्यों का अनुपात 60:40 होता है, वहीं पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी के राज्यों में यह अनुपात 90:10 के अंशदान का होता है।
नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए अनुमति तब दी जाती है जब उक्त मेडिकल कॉलेज भारतीय चिकित्सा परिषद (एनसीआई) द्वारा किए गए निर्धारण में भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम-1956 की धारा-10क के उपबंधों के अनुसार मेडिकल कॉलेज की स्थापना अधिनियम-1999 नामक विनियम के तहत यथाविहित मानकों का अनुपालन करें।

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