इन टिप्स से बच्चों में बढ़ाएं आत्म-सम्मान की भावना

बच्चों में आत्म सम्मान की भावना जगाना पैरंट्स के लिए बहुत जरूरी है। इस पॉजिटिव सेंस को बच्चे में बचपन से ही डालना पड़ता है। पैरंट्स बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए अक्सर उनकी छोटी उपलब्धियों के लिए भी उन्हें चीयर करते हैं जिससे की बच्चें में खुद के लिए सम्मान बढ़े। इसके अलावा बच्चों में खुद को लेकर पॉजिटिव सेंस को बढ़ाने के लिए पैरंट्स और भी कई तरीके अपना सकते हैं। यहां हम आपको लिए 8 टिप्स लेकर आए हैं जिन्हें फॉलो कर के आप बच्चे में आत्मसम्मान की भावना को बढ़ा सकते हैं..

बच्चों के लिए सबकुछ न करें

पैरंट्स के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि आप उनको आपना काम खुद करने दें। इससे वे इंडिपेंडेंट बनेंगे साथ ही साथ बच्चे में नई स्किल भी डिवेलप होगी। उदाहरण के लिए आप बच्चे को मील के लिए डाइनिंग टेबल को सेट करना सिखा सकते हैं और उन्हें खुद से कपड़े पहनने के लिए भी कह सकते हैं। यह ध्यान रखें कि बच्चे को पैंपर करना और उनके लिए हर काम कर देने में काफी फर्क है।

घर के काम में बच्चों की मदद लें

ये काफी जरूरी है कि पैरंट्स घर के कामों में बच्चों की मदद लें और उन्हें सिखाएं की कौन-सा काम कैसे करना है। इससे बच्चे की घर के प्रति जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और बच्चा खुद को रिस्पॉन्सिबल महसूस करेगा। पैरंट्स के तौर पर आप अपने बच्चे से घर को साफ करना, खुद का बिस्तर सही करना और अपना ब्रेकफस्ट खुद से लेना सिखा सकते हैं।

अपने बच्चे की किसी से तुलना ना करें

अगर आपका बच्चा आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है तो रिऐक्ट करने से पहले एकबार अच्छी तरह से सोच लें। अपने बच्चे को उनके क्लासमेट और फेलो फ्रेंड्स से तुलना करने से बच्चे हतोत्साहित या डीमोटिवेट होते हैं। इसलिए बच्चे की किसी से भी तुलना करने से बचें।

असफलताओं से उबरने में मदद करें

अक्सर बच्चे जब किसी चीज में हार जाते हैं या असफल हो जाते हैं तो पैरंट्स उनसे सख्ती से पेश आते हैं और उन्हें डांटते हैं लेकिन बच्चे के दिमाग पर इसका गलत असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स पैरंट्स को यह सुझाव देते हैं कि जब भी आपका बच्चा असफल हो तो उसे प्रोत्साहित करें और समझाएं कि कोई भी दुनिया में परफेक्ट नहीं है। इससे बच्चे में आत्म सम्मान की भावना बढ़ेगी।

जरूरत से ज्यादा बड़ाई ना करें

जब आप अपने बच्चे की ज्यादा प्रशंसा करते हैं तो उन्हें सिखाएं कि जो उनके पास है उतने में ही संतोष करें, ज्यादा चीजों के पीछे बच्चों को न भगाएं। पैरंट्स के तौर पर आपकी यह जिम्मेदारी बनती है कि आप अपने बच्चे के परफेक्ट होने के उद्देश्य और मौजूदा स्थिति के बीच बैलेंस बनाएं और बच्चों को यह समझने में मदद करें।

उपदेश देने से पहले खुद भी उन चीजों को मानें

यह तो सब जानते हैं कि बच्चे अपने पैरंट्स के व्यवहार और आदतों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं। बच्चों में आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास की भावना को जगाने के लिए जरूरी है कि आप भी खुद से प्यार करना सीखें। अपनी सफलताओं को सेलिब्रेट करें, अपनी असफलताओं से सीखें और बच्चे को इन सारी चीजों का गवाह बनाएं।

हॉबी और पैशन में सपॉर्ट करें

बच्चे में आत्म-सम्मान की भावना को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है उनके सपनों को पूरा करना में उनकी मदद करना। अपने बच्चे से हर रोज बात करें कम्युनिकेशन गैप रहने पर आप और आपके बच्चे में दूरी आ सकती है। बच्चे से बात करें और उनकी रुचि और सपनों को पाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें।

बच्चे को ‘ना’ कहना सिखाएं

बच्चे को अपने फैसले खुद लेने दें, ये आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। जब बच्चे बड़े होंगे तो इस बात को एप्रिशिएट करेंगे जब उनपर पियर प्रेशर पड़ेगा तो वे ‘ना’ खुलकर कह पाएंगे।

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