Ranchi : डेढ़ सौ से भी ज्यादा आवाज के मालिक, आवाज के जादुगर…

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकाॅड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं काॅमेडियन “वीआईपी

नाम वीआईपी, पुरा नाम विजय कुमार ईश्वरलाल पवार, जन्म मुम्बई के धरावी में, उपलब्धी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकाॅड में नाम दर्ज और डेढ़ सौ से भी ज्यादा आवाज के मालिक।

आवज के धनी, टीवी जगत के मशहुर काॅमेडियन और मिमिक्री आर्टिस्ट वीआईपी, जिन्होने सोनी टीवी पर प्रसारित काॅमेडी सर्कस 2007, 2008 और 2010 में आपको हसाया और गुदगुदाया, 2009 में देख इंडिया देख, कलर चैनल पर नौटंकी द काॅमेडी थियेटर, काॅमेडी नाईट, काॅमेडी क्लासेस, काॅमेडी नाईटस बचाव जैसे जाने-माने शो का हिस्सा रहे हैं। वाआईपी ने दो मिनट में 52 आवाज निकाल कर 30 जुन 2017 को वल्र्डस फास्टेस्ट मिमिक्रि आर्टिस्ट का वल्र्ड बुक आॅफ रिकाॅड में अपना नाम दर्ज कराया। इन्होने काॅमेडी की शुरूआत महज 13 साल की उम्र से ही कर दी थी। इनकी काॅमेडी की तरफ झुकाव कैसे हुआ और एक आवज से बढ़ते-बढ़ते पौने दो सौ आवाज के मालिक कैसे बने आईये जानते हैं उन्ही से:-

एवीएन पोस्ट डाॅट काॅम के वरिय उप-संपादक संदीप पाठक और टीवी जगत के मशहुर काॅमेडियन वीआईपी की एक छोटी सी बात-चीत

सवाल: काॅमेडि लाईन की तरफ आपका झुकाव कैसे और कब हुआ?

जवाब: लगभग 13 वर्ष की उम्र में मैं अपने पापा के साथ बस में गांव जा रहा था तब रास्ते में बस रूकी और वहीं बस के बाहर एक बकरी का बच्चा था। तो बकरी के बच्चे ने म्म्मे की आवाज निकाली तो उसी समय मैने भी बकरी की आवाज निकाली तो एैसा 2-4 बार हुआ, बस के कंडक्टर को लगा की बकरी बस के अंदर चढ़ गई है, बकरी को बस के अंदर कौन लेकर आया है, तो कंडक्टर ने बस रूका दि की कौन बस के अंदर बकरी लेकर आया है। उसी समय से मुझे ये महसुस हुआ की मेरे अंदर भी एक टैलेंट है। इसके बाद से मैं इसी टैलेंट को लेकर आगे बढ़ता गया और आज मैं डेढ़ सौ से दो सौ आवाजें निकाल लेता हूं, जिसमें कई कलाकार और राजनेताओं के आवाज है। मैं आज भी इसका क्रेडीट उस बकरी को ही देता हूं जिसने मुझे अपने अंदर के कलाकार से मिलाया।

सवाल: आपने काॅमेडी के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए कितने पापड़ बेले है?

जवाब: शुरूवात के दौर में मैंने छोटे-छोटे शो किये, मेरी शुरूवात 50रू से हुई फिर 80रू, 100रू, 200रू इस तरह से बढ़ती चली गई। कुछ वक्त तो ऐसा भी आया कि कई आॅर्गनाइजर फ्री में काम कराते थे, भाई यहां आ जा एक शो है, मैं वहां पहुंच जाता था लेकिन उसके पैसे मुझे नहीं मिलते थे। मैने कैटरर के साथ वेटर का भी काम किया है कि कहीं संम्पर्क बढ़ जाए मेरे, कुछ काम मिल जाए। क्यों कि अक्सर शादी पार्टियों में बड़े-बड़े एक्टर आते थे, बड़े-बडे शो होते थे वहां मैं आॅरकेस्ट्रा के आॅर्गनरइजर को अपना टैलेंट दिखाता था ताकी वो मेरा टैलेन्ट देखे और मुझे मौका दे। वहां जा कर मैं उन्हे चाय-पानी, खाना वगैरह सर्व करता था और जैसे मौका मिलता था मैं जिसे मेन बंदा समझता था उसे जाकर अपना टैलेंट दिखा देता था। कुछ लोग तो मेरे साथ टाईम पास करते थे, कुछ ये सुनाव कुछ वो सुनाव सभी मेरे मजे लेते थे, पर मेरी तो रिहल्सल हो गई उन्हे अपना टैलेंट दिखते-दिखाते क्यों कि मुझे सुनने वाले श्रोता मिल गये थे भले वो लोग टाईम पास करते थे मेरे साथ। फिर प्री शोज करते करते कब इस मुकाम तक पहुंचा पता ही नहीं चला।

सवाल: आपने कई सारे टीवी शाॅ किये हैं वहां का सबसे अच्छा अनुभव क्या रहा?

जवाब: टीवी शाॅ का अनुभव अच्छा रहा है क्यों कि मिमिक्री के अलावा मैने कुछ नहीं किया है, मिमिक्री मेरी स्ट्रेंन्थ थी, मिमिक्री में मैने खेला है कि मिमिक्री में और क्या कर सकता हूं मैं। मैने मिमिक्री में नया प्रयोग किया और एक नया मिमिक्री काॅन्सेप्ट ले कर आया जिसका मैने नाम दिया है ब्रेथलेस मिमिक्री जिसमें बिना रूके मैं अलग-अलग आवाजों को लोगों के सामने प्रजेंट करता हूं और लोग इस कोन्सेप्ट को काफी पसंद भी करते है। आज कल काफी आर्टिस्ट इस काॅन्सेप्ट को काॅपी भी करते हैं। इसी ब्रेथलेस मिमिक्री पर मुझे वल्र्डस फास्टेस्ट मिमिक्रि आर्टिस्ट का अवार्ड भी मिला है। पहले मैं 5 मिनट में 50 आवाजें निकालता था, पर 30 जुन 2017 को मैने अपनी ही बनाई रिकाॅर्ड 2 मिनट में 50 आवाजें निकाल कर तोड़ दिया है। अब मैं गिनीज बुक में जाने की तैयारी कर रहा हूं क्यों कि मुझे अब गिनीज बुक में अपना रिकाॅर्ड दर्ज कराना है।

सवाल: फास्टेस्ट मिमिक्री आर्टिस्ट के लिए वल्र्ड बुक आॅफ रिकाॅर्ड आपके नाम है, रिकाॅर्ड को बनाने के लिए आपने कैसी तैयारीयां की थी?

जवाब: पहले मुझे ये पता नहीं था कि मेरे अंदर ये टैलेन्ट है, पहले जब मैं दुबई के 5 स्टार होटलों में शो करता था तब वहां बैठे अलग-अलग टेबलों से फरमाईस आती थी कि इसी आवाज सुनाव, उसकी आवाज सुनाव। जैसे कि 10-12 टेबल है तो कीसी एक टेबल से आवाज आई अरे शाहरूख खान की आवाज निकालो तो दुसरे टेवल से अचानक मिथुन का नाम आ गया ये खत्म भी नहीं हुआ कि अमिताभ बच्चन का नाम आगया तो ऐसे मैं शो करता था। बाद में वहां आये मेहमान मुझसे मिलते थे और पुछते थे अरे यार कैसे आप आवाजों को स्वीच करते हैं। तो मुझे लगा की अरे ये तो मेरा एक टैलेंट है, फिर मैने 15 आवाजों को ले कर शो करने लगा जिसका मैने ब्रेथलेस मिमिक्री नाम दिया। आपको याद होगा एक समय जितने भी मिमिक्री आर्टिस्ट थे सभी जिसकी आवाजें निकालते थे पहले उनका नाम बतलाते थे फिर आवाज सुनाते थे जैसे आइये इस डाईलोग को शाहरूख खान कैसे बोलेंगे, आइये इस डाईलोग को अमिताभ बच्चन कैसे बोलेंगे इस तरह चलता था, इससे काॅन्सेप्ट से लोग बोर हो रहे थे, मैं खुद बोर हो जाता था। तो इसी के बाद मैं ब्रेथलेस मिमिक्री ले कर आया और इसे लोग काफी पसंद भी करते है। लोग मेरे द्वारा बनाए गये इस काॅन्सेप्ट को स्टेज में परफाॅम भी करते है और मुझे आ कर कहते भी है कि सर आपसे हमने बहुत कुछ सीखा है आपके द्वारा बनाए गये इस काॅन्सेप्ट को हम परफाॅम भी करते हैं। इस बात को लेकर मुझे गर्व भी होता है कि मैने इस चीज को बनाया है।

सवाल: 30 जून 2017 को ये अवार्ड आपको मिला, पर बहुत सारे लोग इस बात को नहीं जाते इसका क्या कारण हो सकता है?

जवाब: इसका खास कारण है कि मैं सोशल मीडिया में कमजोर हूं, मैने लाॅकडाउन से पहले कभी सोशल मीडिया का प्रयोग नहीं किया था। बहुत से लोग होते हैं कि अपना सारा एक्टिविटी सोशल मीडिया में डालते हैं जैसे चाय पी रहे हैं तो उसका फोटो, घुमने निकले हैं तो उसका फोटो हरेक तरह से वे सोशल मीडिया में बने रहते हैं। तो मैं इस चीज को हल्के में लेता था कि क्या हैं ये, पागल हैं सब ऐसा कैसा करता है। लेकिन मुझे नहीं पता था कि इस चीज में बड़ी ताकत है। कोरोना के समय से मैं सोशल मीडिया में एक्टिव हूं, पुरे लाॅकडाउन में मेरे वर्चुअल शो सोशल मीडिया में आते रहे हैं, मैं लाईव शो करता था सोशल मीडिया में। पर जो मजा दर्शकों के साथ रू-ब-रू होकर शो करने में वो वर्चुअल शो में काहां।

सवाल: आपके नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स है तो हमारे दर्शक जानना चाहेंगे की आप कितने एक्टर और राजनेताओं के आवाज निकाल लेते हैं?

जवाब: मैने स्टेज के लिए 52 आवाज रखे हैं, वैसे मैं डेढ़ सौ से ज्यादा आवाजें निकालता हूं पर 150 आवाज का शो करने से शो लम्बा होगा और लोग बोर होने लगते हैं। राजनेताओं में सम्बितपात्रा, अमित शाह, मोदी जी, राजनाथ सिंह इत्यादि बहुत सारे राजनेताओं और अभिनेताओं की आवाज निकाल लेता हूं।

  • जब उनसे सम्बीत पात्रा की आवाज निकालने को कहा गया तो वो सम्बीत पात्रा, अमित शाह के आवाज में दो लाइनें बोल कर सुनाया।

सवाल: कॉमेडी के क्षेत्र में आप कीन्हे अपना आदर्श मानते हैं ?

जवाब: मैं जाॅनी लिवर साहब को अपना आदर्श मानता हूं।
कोई खास वजह?
खस वजह ये है संदीप जी की आज के समय में मैने कई सारे कलाकारों को देखा है। नये आये कलाकारों के अंदर जो ऐटिटूड है वो मैने देखा है आपने भी देखा होगा वे पब्लिक के साथ बड़े बदतमीजी से पेस आते हैं, जब कोई बंदा आपके साथ फोटो खिचाने आता हैं तो वो चाय वाला भी हो सकता है और टाई वाला भी हो सकता है। टाई वाला पहले पुछेगा की क्या मैं आपके साथ फोटो ले सकता हूं? पर चाय वाला आपका फैन है, उसके पास इतना सेंस नहीं है वो आयेगा और सीधा आपके कंधे पर हाथ रख देगा क्यों की वो आपका फैन है। आपको मिला है और मिल कर पागल हो गया है वो, सर मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं बोल कर वो आपके गले भी मिल लेगा, कंधे पर हाथ रख के फोटो भी खीचा लेगा पर आज के जो कलाकार है वो ऐसे मैके पर गाली दे देते हैं। साले……….. हाथ हटा, हाथ कैसे रखा। तो ये सब जब देखता हूं ना मैं तो मुझे जाॅनी लिवर के लिए ना बहुत दिल से दुआ देता हूं। जाॅनी भाई एक ऐसे इंसान हैं अगर आप… जैसे कि कोई आॅफिस में बाॅस खड़े होंगे, कोई एमडी खड़ा होगा लेकिन जाॅनी भाई ऐसे हैं कि वो वहां सबसे पहले वहां कोई स्वीपर, झाड़ू मारने वाला या प्यून होगा उसे अपने पास बुला कर उनके साथ अच्छे-अच्छे फोटो खिचते हैं मतलब की उन जगहों पर उन छोटे स्टाफ को भी नजर में रखते हैं। जाॅनी भाई जानते हैं कि एमडी के सामने वो फोटो खिचाने नहीं आएंगे, उन्हे भी मेरे साथ फोटो खिचाने का मन है लेकिन वे डर से नहीं आ रहें हैं तो उन्हें बुलाकर सबसे पहले उनसे गले मिलते हैं फिर उनके साथ फोटो लेते हैं। जाॅनी भाई को उपर वाले ने सब कुछ दिया है एक्टर बोलो, अच्छा इंसान बोलो सारी चिजें जाॅनी भाई में कुट-कुट कर भरी हुई है, मैं तो उनकी पैर की धुल भी नहीं हूं, वो मेरे गुरूकुल है।

सवाल: बहुत सारी कॉमेडी मूवी आती हैं पर आप फिल्मों नजर नहीं आते हैं इसकी कोई खास वजह

जवाब: लोग नेपोटिज्म बोल रहे हैं लेकिन ग्रुप रिजन है इंडस्ट्री में और ये सिर्फ इस क्षेत्र में नहीं है ये आपके, मेरे और लगभग सभी क्षेत्रों में है। अपने इंडिया में कौम है ना, अगर आप गुजराती हो तो सबसे पहले आप गुजराती को मौका दोगे, आप साउथ वाले हो तो साउथ वाले को मौका दोगे, मराठी हो तो मराठी को मौका दोगे तो ये जो है ना वो इंडिया में बहुत गंदा सिस्टम चल रहा है। मेरा कहना है कि टैलेन्ट देखो, बंदा देखो ये मत देखो की ये मेरे कौम का है, मेरे कास्ट का है या मेरा दोस्त है कोई भी कौम का है टैलेन्ट देखो और उसे ले लो। मैं सिर्फ कलाकारों की बात नहीं कर रहा हूं मैं हर एक फिल्ड की बात कर रहा हूं, आप एक अपने आॅफिस में बहुत अच्छा काम कर रहे हो और वहीं आपका जुनियर आपके बाॅस कि चमचागिरी कर रहा है उसको प्रमोशन मिलेगा और आप वहीं रह जाओगे। ये एक बहुत ही गन्दा चलन है। आज कल जी हजुरी करने की भैल्यु है और मुझसे ये नहीं होता है शायद इसी कारन से मुझे फिल्मों में मौका नहीं मिलता है।

सवाल: आपने भारती सिंह, कृष्णा, सुदेश कपिल शर्मा इन सभी कलाकारों के साथ काम किया है वे सभी कोई न कोई शो चला रहे हैं तो आपका मन नहीं करता की आपका भी कोई शो हो?

जवाब: जी मैं भी शायद अभी कर रहा होता लेकिन मैं एक चीज से कतरा गया और वो हैं मेरी अंग्रजी। मुझे प्रोम्पटर पढ़ने में दिक्कत होती थी क्यों कि प्रोम्पटर में जो स्क्रिप्ट होता है वो अंगेजी में होता है और मैं अंगेजी पढ़ नहीं सकता था इस वजह से मैं डर के पिछे हट गया। जब मैं शो करता था तब जो स्क्रिप्ट आती थी वो अंगेजी में आती थी तो पहले मैं उसे हिन्दी में लिख कर याद करता था तब उसे मैं प्रफाॅम करता था, मेरा आधा समय इसी में बरबाद होता था।

सवाल: भारती सिंह का ड्रग केस में नाम आने पर आपका क्या रिएक्शन था और इस पर आप क्या कहेंगे?

जवाब: शुरू में तो मुझे लगा नहीं ये नहीं हो सकता है, लेकिन जब उन्होने खुद कबुल कर लिया तो मेरे और आपके कुछ बोलने से तो कुछ हो नहीं सकता।
ऐसी क्या वजह है कि एक के बाद एक फिल्मी हस्तियों के नाम ड्रग केस में आते चले जा रहे हैं?
मुझे लगता है कि जब पार्टी वार्टी होती है तब लोग एक दुसरे को नशा करने के लिए उकसाते हैं, ये अच्छा प्रोडक्ट है ये लो ट्राई करो ऐसी ही पार्टियों से लोगो को इसकी लत लग जाती है और लोग इसका उपयोग करने लगले हैं। अगर लोग कहते हैं कि स्ट्रेस कि वजह से ड्रग ले रहे हैं तो वे झुठ बोल रहे है। स्ट्रेस मिटाने के लिए योगा करोना भाई ड्रग लेने की क्या जरूरत है।

सवाल: क्या वजह है की बॉलीवुड में आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है?

जवाब: इसका कारण भी मैं आपको बताता हूं, जब कोई सेलेब्रिटी बनता है तो उसके खर्चे बढ़ जाते हैं। एक अच्छी बात बोलो तो मेरा जन्म धारावी में हुआ है, आप मुझे कहते हैं चलो चाय पीते हैं तो मैं आपके साथ जाकर चाय की टपरी में चाय पी लूंगा लकिन कुछ कलाकार हैं जो 5 स्टार होटल में ही चाय पीयेंगे 3000 का खर्च सिर्फ चाय पीने में कर देंगे तो वो खर्चा मेंटेन करना है, आपको वो स्टेटस रखना है। मैं आॅटो में भी जाता हूं, ओला में भी जाता हूं, साईकिल, बाईक आप जिसमें बोलो मैं उसमें सफर कर सकता हूं। तो लोग खुद को मेंटेन रखने को लेकर स्ट्रेस में रहते हैं और जब पैसों की आमदनी कम हो जाती है और मेंटेंन नहीं कर पाते हैं यही सारी वजह है।

सवाल: 2021 में आपकी कोई नई अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

जवाब: क्या बोलू गोविन्दा जी के साथ में एक फिल्म 3 साल से अटकी पड़ी है वो आ ही नहीं रहे हैं। तो अभी वैसी कोई अपकमिंग प्रोजेक्ट नहीं है, हां अब शो शरू होगे तो मैं शोज करूंगा।

सवाल: अंत में आप हमारे पाठक को कुछ कहना चाहेंगे?

जवाब: इस महामारी के दौरान मैं आपके सारे पाठको को यही कहना चाहूंगा की आप लोगों की मदद करें, मैं ये नहीं बोलूंगा की आप 100 लोगों की मदद करें। आपकी हैसियत अगर दो लोगों की मदद करने की है तो आप दो ही लोगों की मदद करें। जानवरों के लिए मैं हमेंशा तैयार रहता हूं क्यों कि वे इंसानों से ज्यदा वफादार होते हैं ये मैने लाॅकडाउन में जाना कि कितना वफादार होता है वो। मेरे बिल्डिंग के बाहर जब जब मैं 12-01 बजे रात में कुत्ते को खना देने गया तो कुछ चोर लोग मुझे लुटने के चक्कर में थे, पता नहीं कैसे उस कुत्ते को पता चल गया और वो कुत्ता मेरे आगे खड़ा होकर उन चोरों पर भैकने लगा, वो लोग 2 बाईक में 3 लोग थे उनको कुत्ते ने भगा दिया। इन सभी चीजो से ये सिखने को मिलता कि जब आप इन बेजुबानों की मदद करते हैं तो उपरवाला भी आपकी मदद करता है, पर निःस्वार्थ भाव से किया गया मदद, न की मैं मदद करूंगा तो मुझे ये मिलेगा, वो मिलेगा। वो एक दिल से होता है, आप यकिन मानो मैं हर रोज कुत्तो को खाना खिलाता हूं कभी भी नहीं भुलता हूं।

धन्यवाद विजय जी आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा फिर मुलाकात होगी नमस्कार

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