Ranchi :”₹3 लाख से कम में एकदम नहीं मानेंगे IAS राजीव रंजन”, सुनिए 7 मिनट का यह ऑडियो, जानिए भ्रष्टाचार की कहानी

“ऐसा आईएएस अधिकारी आज तक नहीं देखा, पता नहीं कितने लोगों की आह लेंगे”

रांची : झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक और वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव रंजन एक बार फिर से विवादों में हैं। इस बार उन पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगे हैं।

एड्स कंट्रोल के परियोजना निदेशक रहते हुए उन पर आरोप है कि उन्होंने एनजीओ के चयन में मनमानी की है और वित्तीय अनियमितताएं बरती हैं।

कहा जा रहा है कि जिस एनजीओ के लोगों ने घूस की रकम दी उसका चयन किया गया और जो मांगी गई पूरी रकम नहीं दे सका, उसे बाहर कर दिया गया।

इसके अलावा इन पर नियुक्ति प्रक्रिया में भी अनियमितता बरतने के आरोप हैं। नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी के गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए नियुक्तियां की गई हैं।

इन सभी आरोपों की जांच के लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव ने 2 सदस्यों वाली एक कमेटी का गठन किया है जो राजीव रंजन पर लगे सभी आरोपों की जांच करेगा।

इससे पहले भी राजीव रंजन साहिबगंज जिले के उपायुक्त रहते हुए एक लेडी डॉक्टर को घर में बुलाकर बुरा बर्ताव करने के आरोप में वहां से हटा दिए गए थे। ये इससे पहले भी विभिन्न जगहों पर अपने पदस्थापना के दौरान काफी विवादों में रहे हैं।

उत्तराखंड में पिछले लोकसभा चुनाव में यह ऑब्जर्वर बनकर गए थे। वहां उन्होंने सामान बड़ी संख्या में खरीद लिए लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। इस पर भी उनके खिलाफ जांच चल रही है।

इससे पहले धनबाद नगर आयुक्त रहते हुए भी इन पर कई आरोप लगे। वहां से हटाए गए। राजस्व और भूमि सुधार विभाग में 2 अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ बुरा बर्ताव किया, जिसके बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया। एक वरीय आईएएस अधिकारी मुख प्रीत सिंह भाटिया ने इनके खिलाफ लिखा कि ऐसा निकम्मा अधिकारी उन्होंने अपने करियर के 27 वर्षों में कहीं नहीं देखा।

फिलहाल आप यह ऑडियो सुन लें और जानें कि कैसे भ्रष्टाचार का पूरा खेल खेला जा रहा है…!
(नोट : इस ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा सकती है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते।)

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