इन उपायों को अपनाकर बनाए रखे चेहरे की सुंदरता

आपके चेहरे की खूबसूरती पर दाग-धब्बों, फटे होंठों या थकी-थकी फूली आंखों का ग्रहण न लगे इसके लिए बस थोड़ी सी सावधानियां बरतने और सदियों से आजमाए गए नुस्खे अपनाने की जरूरत है। यहां हम ऐसी ही समस्याओं और उनके निदान का जिक्र कर रहे हैं…

ब्लैक हैड्स:- यदि आपकी त्वचा तैलीय है तो आपके चेहरे पर कहीं भी ब्लैक हैड्स उभर सकते हैं। बेहतर होगा कि आप इन्हें किसी सौंदर्य विशेषज्ञ से दूर कराएं क्योंकि आपके लिए इन्हें स्वयं दूर करना मुश्किल होगा। छिद्र फैल भी सकते हैं। यदि एक बार चेहरे पर से ब्लैक हैड्स दूर हो जाएं तो सप्ताह में दो-तीन बार फेस मास्क अवश्य लगाएं ताकि फिर चेहरे पर ब्लैक हैड्स न होने पाएं। इस बीच तेल रहित फाउंडेशन हमेशा उंगलियों के पोरों को गोल-गोल घुमाते हुए लगाएं।

दाग-धब्बे:- अकसर लोगों के चेहरे पर मुंहासों जैसे छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। दाना निकलते ही हम उसे दबाकर कील निकलाने की कोशिश करते हैं पर इन्हें दबाने और कील निकालने में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर तो यही होगा कि इन फुंसियों पर आप कोई भी एंटीसेप्टिक लोशन या क्रीम लगाएं और फिर फाउंडेशन लगाएं। इसके अतिरिक्त रात में लोशन लगाकर सोएं।

झुर्रियां:- आंखों के इर्द-गिर्द लकीरों का उभरना चिंताजनक होता है। पर ऐसा उम्र के बढ़ने के साथ होता है। आंखों के इर्द-गिर्द की त्वचा बहुत ही महीन और पतली होती है। इस पर बहुत ही कम तेल ग्रंथियां होती हैं। इसलिए अकसर यहां की त्वचा को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। इस जगह आईक्रीम लगाना चाहिए। आंखों के इर्द-गिर्द बहुत ही हल्का फाउंडेशन या कम से कम पाउडर लगाना चाहिए क्योंकि कोई भी प्रसाधन गाढा लगाने से उस पर लोगों की नजर पड़ती है और कमियां साफ नजर आती हैं।

फूली हुई आंखें:- यदि आपकी आंखें नींद पूरी न होने के कारण फूली हुई हैं या थकावट से सूज गई हैं तो थोड़ी देर लेट जाइए और बादाम के तेल या गुलाब जल में एक रुई का फाहा भिगोकर अपनी आंखों पर 10 मिनट रखिए। इससे आराम मिलेगा। इसके अलावा खीरे के पतले स्लाइस, आलू के स्लाइस या साधारण टी-बैग आंखों पर रखकर थोड़ी देर लेटी रहें। इससे भी आंखों को आराम मिलेगा।

होठों का फटना:- सर्दियों के दिनों में अकसर होंठ फटने लगते हैं। फटे हुए होठों पर ऑलिव ऑयल या मलाई लगाएं। ये होठों को पोषण भी देंगे और उन्हें चिकना भी बनाएंगे। इसके अतिरिक्त विटामिन ई के तत्व भी जल्दी उपचार करने में सहायक होते हैं।

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