राष्ट्रपति ने संसद के केंद्रीय कक्ष में अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र का किया लोकार्पण

नई दिल्ली।  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र का लोकार्पण किया। राष्ट्रपति ने वाजपेयी के धैर्य और सूझ-बूझ का स्मरण करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने पोखरण और कारगिल युद्ध की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्र का निर्णायक नेतृत्व किया था।
इस मौके पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, मंत्री और विभिन्न दलों के नेता मौजूद थे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा भारतीय राजनीति के महानायकों में अटल जी को हमेशा याद किया जाएगा। राजनीति में विजय और पराजय को स्वीकार करने में जिस सहजता और गरिमा का परिचय उन्होंने दिया है, वह अनुकरणीय है। वे विपरीत परिस्थितियों में धैर्य की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने पोखरण में 1998 का परमाणु परीक्षण और 1999 का कारगिल युद्ध, राष्ट्र-हित में लिए गए उनके दृढ़तापूर्ण निर्णयों के उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि देश की नदियों और जल-संसाधनों के उपयोग के लिए पहल करना, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के माध्यम से पूरे राष्ट्र को जोड़ने में सुगमता प्रदान करना, आवास निर्माण को प्रोत्साहन देकर साधारण आय-वर्ग के लोगों के लिए घर सुलभ कराना और आईटी और टेलिकॉम क्षेत्रों में तेज गति से विकास करना। हमारे बहादुर जवानों, मेहनती किसानों और निष्ठावान वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाएं लागू करना और पूरे विश्व में भारत को शांतिप्रिय परंतु शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठित करना वाजपेयी के अनेक बहुमूल्य योगदानों में शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं होता, मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे का सम्मान करना नई पीढ़ी अटल बिहारी वाजपेयी से सीख सकती है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी का लंबा राजनीतिक करियर था| उसका एक बड़ा हिस्सा विपक्ष में बिताया गया था। फिर भी, उन्होंने जनहित के मुद्दों को उठाना जारी रखा और अपनी विचारधारा से कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सेंट्रल हॉल में अटलजी अब एक नए रूप में हमें आशीर्वाद और प्रेरणा देते रहेंगे।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद किया जाएगा क्योंकि उनके शब्दों में विरोध के लिए आलोचना थी लेकिन उनके दिल में विरोध के लिए गुस्सा नहीं था।
इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का चित्र तैयार करने वाले जाने-माने कलाकार कृष्ण कन्हाई को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने सम्मानित किया।

 

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