झामुमो का घोषणापत्र निश्चय नहीं अनिश्चिय पत्र हैः मिसफीका हसन

पाकुड़। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मिसफीका हसन ने झामुमो के निश्चय पत्र पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह अनिश्चय पत्र है।
मिसफीका मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में लिखा है उठो, लड़ो और आंदोलन करो। जबकि आंदोलन बेचने वाले झामुमो के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि राजमहल संसदीय क्षेत्र की बात करें तो यहां की जनता ने झामुमो को पूरी तरह से नकार दिया है। इसबार लोग यहां बदलाव चाहते हैं। सांसद विजय हांसदा द्वारा गोद लिए गए पतना प्रखंड के तालझारी पंचायत के लखनपुर एव उधवा प्रखंड के उत्तर पियारपुर दोनों गांवों में विकास की बात तो दूर सांसद ने यहां की जनता से कभी संपर्क भी नहीं किया।
उन्होंने कहा कि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन चाहते तो 1993 में ही नरसिम्हा राव की सरकार के समय अलग झारखंड निर्माण करा लेते पर उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने तीन करोड़ रुपए में झारखंड की अस्मिता को बेचने का काम किया। उस वक्त उन्होंने अलग राज्य बनावा लिया होता तो इतने लंबे समय तक अलग राज्य के संघर्ष के नाम पर उनकी दुकानदारी कैसे चलती? झामुमो अपनी मतपेटी भरती रही और गरीबों को हमेशा भगवान भरोसे छोड़ दिया। इसके पूर्व हसन ने बूथ कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने की अपील की।

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