झारखंड : लोकसभा चुनाव में नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की रहेगी कड़ी व्यवस्था

रांची। झारखंड के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराना बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि राज्य में माओवाद और उग्रवाद से मुक्त लोकसभा चुनाव कराने को लेकर पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार 12 गुणा ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी सहमति ली जा चुकी है। बूथों की सुरक्षा के लिए जैप, जगुआर, आईटीबीपी, आईआरबी और सीआरपीएफ की 600 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसके अलावा झारखंड पुलिस और होमगार्ड के जवान भी चुनाव में लगाये जाएंगे।
चुनाव के दौरान नक्सल प्रभावित जिलों को तीन श्रेणियों सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील में बांटा गया है। इसमें 200 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स की तैनात की जाएगी। झारखंड में अभी सीआरपीएफ की 132 कंपनियां हैं| जरूरत के हिसाब से जवानों को केंद्र उपलब्ध कराएगा। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुबह सात बजे से शाम तीन बजे तक मतदान होंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव को लेकर पुलिस को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। चुनाव के दौरान नक्सली वारदात से निपटने के लिए पुलिस पहले से सतर्कता बरत रही है। किसी भी हमले से निबटने के लिए लैंडमाइंस और आइइडी बमों से निबटने के लिए बम को डिफ्यूज करने के तरीके सिखाये जा रहे हैं। शांतिपूर्ण चुनाव संपत्र कराने के लिए पड़ोसी राज्य के साथ भी सहयोग लेगी। पुलिस वही चुनाव को लेकर नक्सल के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने की तैयारी भी की जा रही है। राज्य के 13 जिलों को नक्सल गतिविधि को देखते हुए अतिसंवेदनशील माना जाता है। इनमें रांची, दुमका, खूंटी, गुमला, लातेहार, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह,पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा और बोकारो का नाम शामिल है। इन जिलों में माओवादी, पीएलएफआई, टीपीसी, जेजेएमपी का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। नक्सली गतिविधियों के लिहाज से सरायकेला पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग, धनबाद और गोड्डा को संवेदनशील माना जाता है। जबकि जामताड़ा, पाकुड़, रामगढ़ और कोडरमा को भी कम संवेदनशील जिले की श्रेणी में रखा गया है।
आईजी अभियान व पुलिस प्रवक्ता आशीष बत्रा ने मंगलवार को बताया कि चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। जैप, जगुआर, आईटीबीपी, आईआरबी और सीआरपीएफ की चुनाव के दौरान तैनाती की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के बाद दुमका में मतदान कराकर लौट रहे पोलिंग पार्टी को ले जा रहे वाहन को नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट करके उड़ा दिया था। जिसमें पांच पुलिसकर्मी समेत आठ लोगों की मौत हो गयी थी। सभी स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारियों के साथ सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

This post has already been read 6366 times!

Sharing this

Related posts