मनी लांड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा की याचिका पर सुनवाई टली

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा की मनी लांड्रिंग केस के मामले में ट्रायल कोर्ट में उनके खिलाफ चल रहे केस को निरस्त करने की मांग पर आज सुनवाई टाल दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान आज ईडी ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की जिसके बाद कोर्ट ने 18 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। पिछले 25 मार्च को कोर्ट ने वाड्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया था। वाड्रा ने याचिका दायर कर अपने खिलाफ इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) को निरस्त करने की मांग की है। पिछले 1 अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने वाड्रा को अग्रिम जमानत दे दी थी। वाड्रा ने अपनी याचिका में मनी लांड्रिंग एक्ट की धारा 3, 17, 19, 24 और 44 को चुनौती दी है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि ये सभी धाराएं संविधान की धारा 14, 20(3) और 21 का उल्लंघन करती हैं। मामला वाड्रा की करीब 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड की संपत्ति की खरीद से जुड़ा हुआ है। उस मामले में ईसीआईआर के आधार पर ईडी वाड्रा से कई बार पूछताछ कर चुका है। ईडी ने वाड्रा की हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग की है और कोर्ट से कहा है कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। ईडी के मुताबिक लंदन की ये संपत्ति 12, ब्रायनस्टोन स्क्वायर में स्थित है। इस संपत्ति को संजय भंडारी ने 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड में खरीदी थी और उसे 2010 में 1.9 मिलियन ब्रिटिश पाउंड में ही बेच दी थी। जबकि भंडारी 65900 ब्रिटिश पाउंड इसके रेनोवेशन पर खर्च कर चुका है। इसका साफ मतलब है कि उस संपत्ति का असली मालिक भंडारी नहीं था बल्कि रेनोवेशन का खर्च वाड्रा ने वहन किया था। इस मामले में वाड्रा ने अपनी सफाई में कोर्ट को बताया था कि इस केस के पीछे राजनीतिक वजह है।

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