जीएसपी कटौती से भारत के अमेरिकी निर्यात पर खास असर नहीं: वाणिज्य सचिव

नई दिल्ली । वाणिज्य सचिव अनूप वाधवन ने कहा है कि अमेरिका के सामान्यीकृत वरीयता तंत्र (जीएसपी) के तहत भारतीय उत्पादों को मिलने वाली शुल्क सुविधाओं के हटने पर भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात में कुछ खास असर नहीं पड़ेगा।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित कुछ अन्य देशों को दिए तरजीही व्यापार वाले देश का दर्जा समाप्त करने का इरादा जताया है। उनका कहना है कि भारत अपने बाजारों तक ‘बराबर एवं उचित पहुंच’ प्रदान नहीं कर रहा है। अमेरिका के स्टंट जैसे चिकित्सा उपकरणों की घरेलू बाजारों में कीमत तय किए जाने पर अमेरिकी कंपनियां चिंता जता रही हैं। ट्रम्प के बयान के बाद अमेरिका 60 दिनों के अंदर जीएसपी खत्म कर सकता है।
दिल्ली में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में अनूप वाधवन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका के ताजा फैसले से भारत के अमेरिकी निर्यात पर कुछ खास असर पड़ेगा और भारतीय सामान के प्रतिस्पर्धियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीएसपी का लाभ अपेक्षाकृत कम रहा है। भारत सरकार का प्रयास हमेशा विकास और लोक कल्याणकारी हितों से जुड़ा रहा है। हमारी कोशिश जनकल्याण से समझौता किए बिना चिकित्सा उपकरणों की सस्ती कीमतों पर संतुलन बनाना है। भारत जीएसपी के तहत कच्चे माल और ऐसे सामान को निर्यात करता है जो अमेरिका के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत के पुराने व गहरे रिश्ते हैं। व्यापार से संबंधित सभी मुद्दों पर बातचीत की जा रही है। इससे अमेरिका के 40 हजार करोड़ के व्यापार पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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