चुनाव अधिकारी को हटाकर आयोग ने छवि सुधारने का मौका गंवाया : कुरैशी

नई दिल्ली। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी का मानना है कि प्रधानमंत्री के काफीले की जांच करने वाले अधिकारी को हटाने का चुनाव आयोग का निर्णय न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि ऐसा कर आयोग ने अपनी और प्रधानमंत्री की छवि बदलने का एक अवसर गवां दिया। ट्विटर के माध्यम से बयान जारी कर कुरैशी ने कहा कि प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग पर जनता लगातार नजर रखे हुए है।जनता की नजर प्रधानमंत्री पर लगातार आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और आयोग पर उसे नजरअंदाज करने को लेकर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के काफीले की जांच को आयोग इस तरह पेश कर सकता था कि न्याय सभी के लिए बराबर है। इससे दोनों की हो रही आलोचनाओं पर विराम लग जाता। कुरैशी ने कहा कि चुनाव अधिकारी पर कार्रवाई करके मामला अलग दिशा में चला गया है। इससे प्रधानमंत्री और चुनाव आयोग की हो रही आलोचना में और अधिक वृद्धि होगी। दूसरी ओर इसी तरह के मामले में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रशंसा की है। उनका कहना है कि अपने काफीले पर हो रही जांच को दूर से देखकर पटनायक ने अपना कद और अधिक ऊंचा कर लिया है। इस तरह के व्यवहार को अन्य नेताओं को भी अपनाना चाहिए। चुनाव आयोग ने बुधवार को ओडिशा में संबलपुर संसदीय क्षेत्र के सामान्य पर्यवेक्षक मोहम्मद मोहसिन को निलंबित कर दिया था। क्षेत्र में आयोग के उड़न दस्ते की टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर का निरीक्षण किया था। रैली के लिए मोदी संबलपुर जिले में थे। आयोग का कहना है कि 10 अप्रैल को जारी अपने निर्देश में एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को निरिक्षण के दायरे से बाहर रखा था।

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