चित की अशुद्धि के कारण वर्तमान में समाज के सिर पर सर्वनाश के बादल मंडरा रहे हैं : निर्मला बहन

रांची। ब्रह्माकुमारी संस्थान की संयोजिका निर्मला बहन ने कहा कि चित की अशुद्धि के कारण वर्तमान में समाज के सिर पर सर्वनाश के बादल मंडरा रहे हैं। भौतिकवादी दृष्टिकोण ने व्यक्ति की जिजीविषा को सुप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप मनुष्य घातक हथियारों का निर्माण कर सर्वनाश के साधन जुटाने में लगा हुआ है। निर्मला बहन रविवार को हरमू स्थित चौधरी बगान में प्रवचन करते हुए बोल रही थी। उन्होंने कहा कि भूतों का पुतला बन कर मानव प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन को नष्ट करने पर तुला हुआ है। भूतों के झंझावत् में झूलता हुआ मनुष्य यह भी भूल गया कि चित्त के संस्कार के साथ ही हमारे जीवन का सुख दुख जुड़ा हुआ होता है। अभी एक ऐसा संधिकाल है जिसमें महाविनाश और महासृजन आमने सामने खड़े हैं। उन्होंने कहा कि संकीर्णता, स्वार्थ-लोलुपता और विलासिता की तुफानी धारा मानवीय गरिमा को अपने प्रचण्ड प्रभाह में बहाकर महाप्रलय का दृश्य उपस्थित कर सकती है। एक ओर जहां विनाशकारी विभीषिकाएं इस सुन्दर विश्व उद्यान को तहस-नहस करने पर तुली हुई है। वहीं आशा के उषा-काल की किरणें युग परिवर्तन का संदेश दे रही है। इस संधिकाल में ही सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा अवतरित होकर प्राणवान प्रतिमाओं को ज्ञान देकर उन्हें संकट का सामना करने में सक्षम बनाते हैं। उन्हीं के द्वारा आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय इस परिवर्तन काल में दिव्य ज्ञान के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नवयुग आगमन की इस बेला में परमात्मा द्वारा प्रदत्त ज्ञान से ही यहॉ की सर्व आत्माएं अपने आत्मबल में बृद्धि कर विश्व शान्ति के लिए जारी अनुष्ठान में भागीदार होकर अपना-अपना कर्तब्य कर रही है।

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