जम्मू-कश्मीर पर 1962 को संसद में लिये गये संकल्प

रांची। जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर धनबाद चैप्टर ने धारा 370 और 35ए को समाप्त करने की वकालत की है। साथ ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर 14 नवंबर 1962 को अपने देश की संसद द्वारा लिए गए संकल्प तथा 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव पर शीघ्रातिशीघ्र दृढ़ता से अमल करने की मांग की। स्टडी सेंटर की ओर से भारतीय संसद द्वारा लिए गए इस संकल्प और पारित प्रस्ताव के आलोक में हर वर्ष पूरे देश में 22 फरवरी को संकल्प दिवस मनाया जाता है। सोमवार को धनबाद के इंडस्ट्रीज और कॉमर्स एसोसिएशन के सभागार में संगोष्ठी आयोजित की गई और पुलवामा के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही इन दिवंगत शहीदों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
जम्मू-कश्मीर स्टडी सेंटर झारखंड के सचिव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय संसद द्वारा पारित प्रस्ताव बढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए को खत्म करने की व्यवस्था करे। सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि सरकार को नीति और नियत दोनों स्पष्ट कर कठोर कदम उठाना ही पड़ेगा। पीडीपी के साथ सरकार बनाना भाजपा की सबसे बड़ी सामरिक भूल थी। नीरज कुमार प्रसाद ने कहा कि सरकार को रूस और श्रीलंका की तरह कठोर कदम उठाना चाहिए। सभा में बमशंकर राय ने 35 ए और 370 के हटाने में वैधानिक कठिनाइयों का जिक्र किया। कार्यकारी अध्यक्ष अरुण कुमार भंडारी और राज्य समिति के कोषाध्यक्ष एपी सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी की अध्यक्षता धनबाद चैप्टर के अध्यक्ष अनंत नाथ सिंह ने की। सुनील कुमार ने सभा का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन किया। संगोष्ठी में परमानंद ठाकुर, मनोज कुमार विश्वकर्मा, मनोरंजन कुमार वर्मा, केसरी कुमार, सुनील कुमार, जीतेंद्र पांडेय, अजय कुमार, अरविंद कुमार सिन्हा, अरुण कुमार, किरण सिंह, अभिजीत कुमार साधु सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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