अदालत ने पूछा, बिना अनुमति मिले जेएनयू मामले में चार्जशीट दाखिल करने की क्या हड़बड़ी थी

नई दिल्ली ।  जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि केस चलाने के लिए जरूरी अनुमति मिलने में दो-तीन महीने का समय लग सकता है। इस पर कोर्ट नाराज हो गई और कहा कि बिना अनुमति मिले चार्जशीट दाखिल करने की क्या हड़बड़ी थी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी से केस का अपडेट दाखिल करने का निर्देश दिया। इस मामले पर अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी।

आज दिल्ली पुलिस के वकील ने बताया कि इस मामले के जांच अधिकारी आज उपस्थित नहीं हैं क्योंकि वो हादसे के शिकार हो गए हैं। कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली सरकार ने चार्जशीट को पढ़ने के लिए दो-तीन महीने का समय मांगा है।

पिछले 28 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा था कि दिल्ली सरकार ने अब तक केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। तब कोर्ट ने कहा था कि हम वीडियो देखेंगे और अगर सरकार अनुमति नहीं देगी, तो भी हम सबूत का वीडियो देखकर कार्रवाई करेंगे।

पिछले 6 फरवरी को ने कोर्ट दिल्ली पुलिस के चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि अभी चार्जशीट के लिए जरूरी मंजूरी दिल्ली सरकार से नहीं मिली है। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दायर करने से पहले अनुमति ले लेनी चाहिए थी। अब दिल्ली सरकार से कहिए कि वो जल्द मंजूरी दे। अनिश्चित समय तक ऐसे फ़ाइल को लटकाया नहीं जा सकता।

पिछले 19 जनवरी को भी कोर्ट ने जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में दिल्ली पुलिस के चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि बिना सरकार की अनुमति के कैसे चार्जशीट दाखिल कर दी गई।

पिछले 14 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया था। करीब 12 सौ पेजों के इस चार्जशीट में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्वाण भट्टाचार्य को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में सात अन्य कश्मीरी छात्रों के भी नाम शामिल हैं। चार्ज शीट में देशद्रोह, धोखाधड़ी, इलेक्ट्रॉनिक धोखाधड़ी , गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होना, दंगा भड़काने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप लगाया गया है।

9 फरवरी 2016 को जेएनयू केपस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में कन्हैया कुमार , उमर खालिद और अनिर्वाण भट्टाचार्य को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल यह तीनों जमानत पर हैं।

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