बच्‍चों को ऑनलाइन रखना है सेफ? ये टिप्‍स आएंगे काम

आज भारत में बाल दिवस मनाया जा रहा है। डिजिटलाइजेशन के दौर में अब बच्‍चे टेक्‍नॉलजी का भरपूर इस्‍तेमाल कर रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर हो या फिर इंस्‍टाग्राम, वॉट्सऐप, बच्‍चे हर जगह इन प्‍लैटफॉर्म्‍स काफी ज्‍यादा ऐक्‍टिव हैं। इसके फायदे हैं तो नुकसान भी। पैरंट्स के लिए जरूरी है कि वे अपने बच्‍चों को ऑनलाइन सेफ रखें। इस गैलरी के जरिए हम कुछ ऐसे टिप्‍स बता रहे हैं कि पैरंट्स कैसे अपने बच्‍चों को ऑनलाइन सेफ रख सकते हैं…

​लोकेशन परमिशन

कुछ भी पोस्‍ट करने से पहले एक बार सोचें। याद रखें कि पोस्‍ट होने के बाद उसे सभी देखेंगे। ऐसे में अगर आप अपने पैरंट्स, टीचर या फ्यूचर एंप्‍लॉयर के साथ सहज नहीं होंगे जो कि उस पोस्‍ट को पढ़ रहे हैं तो शायद यह ऑनलाइन नहीं होना चाहिए।

​सोच-समझकर शेयर करें

चाहे आप किसी से बात कर रहे हों या कोई ऐप या सर्विस यूज कर रहे हों, अपनी पर्सनल इन्‍फर्मेशन जैसे आपका पूरा नाम, बर्थडेट और आपकी लोकेशन जैसे आप कहां रहते हैं या दोस्‍तों के साथ हैंगआउट करने कहां जाते हैं, जैसी चीजों को प्रॉटेक्‍ट करना मुश्‍किल है।

​हमेशा यूज करें पासवर्ड मैनेजर

हर सर्विस या ऐप में एक ही पासवर्ड रखना ठीक नहीं है। इसका हल भी आसान है। हर साइट या ऐप जिसका आप इस्‍तेमाल करते हों, के यूनीक और स्‍ट्रॉन्‍ग पासवर्ड रखें। इसके लिए आप अपने ब्राउजर या मोबाइल के बिल्‍ट इन पासवर्ड मैनेजर या थर्ड पार्टी मैनेजर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

​टू फैक्‍टर अथेंटिकेशन

अपने फोन या जिस भी डिवाइस को आप यूज कर रहे हों, उसे पासवर्ड से प्रॉटेक्‍ट करें। यही नहीं, जब आप इनका इस्‍तेमाल न कर रहे हों तो लॉक कर दें। हैकर्स दूर रहें, इसके लिए अपने अकाउंट्स में 2FA का यूज करें।

​क्‍लिक करने से पहले चेक करें

जो भी चीजें आपको देखने में संदिग्‍ध लगे, उस पर क्‍लिक न करें। अगर आपको कुछ अजीब लग रहा है तो पैरंट्स या टीचर से पूछें कि उसे क्‍लिक करना सही रहेगा या नहीं।

​हमेशा लॉग आउट करें

जब भी अपने कंप्‍यूटर, फोन या किसी दूसरे डिवाइस से दूर जाएं, उसे लॉग आउट करना न भूलें।

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