इतिहास कई बातों का गवाह होता है। कभी-कभी कुछ घटनाएं भी इतिहास बन जाती हैं। वह परिवर्तन की बुनियाद रखती हैं। ऐसा ही हुआ 1897 में 01 मई को। रामकृष्ण परमहंस के शिष्य स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना कर धर्म की पताका फहराई। इसका मुख्यालय कोलकाता के पास बेलुड़ में है। इस मिशन की स्थापना के केंद्र में वेदांत दर्शन का प्रचार-प्रसार है। रामकृष्ण मिशन दूसरों की सेवा और परोपकार को कर्म योग मानता है। यह हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है। 01 मई को 2022 को…
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इतिहास के पन्नों में: क्या आपको पता है 27 अप्रैल को क्या है
अभिनय, संन्यास और राजनीतिः एक अरसे तक भारतीय फिल्मों का प्रमुख चेहरा रहे विनोद खन्ना का 27 अप्रैल 2017 को ब्लड कैंसर से निधन हो गया था। विनोद खन्ना ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किये जाते हैं जिनका मायानगरी से मोहभंग हुआ तो आध्यात्मिक शांति के लिए आचार्य रजनीश की शरण में गए। लेकिन कुछ वर्षों बाद अभिनय की दुनिया में लौट आए। और पढ़ें : झारखंड में वर्षों से बिजली की स्थिति ऐसी क्यों : साक्षी 6 अक्टूबर 1946 को पेशावर में पैदा हुए विनोद खन्ना ने 1968…
Read Moreरामसेतु (Ramsetu)पुल कहां है? रामसेतु (Ramsetu) के बारे में जानकारी. रामसेतु (Ramsetu) का रहस्य क्या है? क्यों मसहुर है रामसेतु (Ramsetu)? क्या है इतिहास?
artical / लेख : क्या भारत का सबसे पुराना रामसेतु दुबारा बनाया जा रहा है (Is India’s oldest Ram Setu being rebuilt?) रामसेतु (Ramsetu) क्या है? What is Ram Setu?रामसेतु (Ramsetu) के बारे में इतिहास में बात की जाए तो यह एक ऐसा पुल के बारे में बनाया गया था जहा भगवान श्री राम और उनकी सेना सभी वानर सेना और उनके अन्य सभी दल के द्वारा निर्मित किया गया था. या सेतु श्रीलंका (जो पहले लंका कहलाता था) पर रावण से युद्ध करने के लिए बनाया गया था इस…
Read Moreक्या है तालिबान का इतिहास? कब हुवा तालिबान का जन्म? और किसने बनाया तालिबान को?
मुल्ला उमर ने 50 छात्रों के साथ संगठन शुरू किया जो कि बहुत ही कम समय में कट्टरपंथ का बड़ा कारवां बन गया. साल 1994 में सबसे पहले कंधार, 1995 में ईरान से लगे हेरात और फिर साल भर बाद 1996 में राजधानी काबुल को तालिबान ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया. 1996 में बुरहानुद्दीन रब्बानी को सत्ता से बेदख़ल करने के साथ ही अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान शासन की शुरुआत होती है. 1998 आते-आते पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान की हुक़ूमत हो चुकी थी. आज दुनिया अफगानिस्तान की तरफ देख रही…
Read More‘मैं एक जुनूनी खिलाड़ी हूं।’ मिल्खा सिंह की कहानी
नई दिल्ली । ‘मैं एक जुनूनी खिलाड़ी हूं।’ मिल्खा सिंह अक्सर यह बात दोहराते थे। अब उनका जुनून कहानियों के रूप में हमारे बीच रहेगा। मिल्खा की कहानियां हमें महान कार्य के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेंगी। आखिर कौन जानता था कि महज एक गिलास दूध के लिए सेना की दौड़ में शामिल होने वाला नवयुवक एक दिन दुनिया का महान धावक बनेगा! लेकिन यह बात सच साबित हुई। मिल्खा सिंह ने इतिहास रच कर दिखाया। मिल्खा की रफ्तार से दुनिया पहली बार कार्डिफ राष्ट्रमंडल खेलों में परिचित हुई। वहीं…
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