पुणे और कोलकाता को हर हाल में चाहिए जीत

पुणे ।  हीरो इंडियन सुपर लीग(आईएसएल) के पांचवें सीजन में कुछ टीमों के लिए सेमीफाइनल की राह काफी कठिन हो गई है। पुणे और दो बार की चैम्पियन एटलिको डी कोलकाता(एटीके) इन्हीं में से एक हैं। तमाम कठिनाइयों के बावजूद ये दो टीमों जीत का मकसद लेकर रविवार को आपस में भिड़ेंगी।दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की जंग कठिन है लेकिन नामुमकिन नहीं है। एटीके के खाते में 14 मैचों से 20 अंक हैं और वह तालिका में छठे स्थान पर काबिज है, जबकि पुणे सिटी के पास 14 अंक हैं और अभी उसे पांच मैच और खेलने हैं। ऐसे में ये दोनों टीमें प्लेऑफ में पहुंचने की एक अंतिम कोशिश करती दिख रही है।
इन दोनों टीमों को अब अपने बाकी के मैचों में हर हाल में जीत हासिल करनी होगी और इससे कम से उनका काम नहीं चलने वाला है । ऐसे में श्री छत्रपति शिवाजी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स स्टेडियम में होने वाला   यह मुकाबला काफी रोचक होगा।  मेजबान टीम लगातार तीन जीत के बाद इस मैच में उतरेगी  ।   उसने अपने पिछले मैच में मौजूदा चैम्पियन चेन्नइयन एफसी को 2-1    से हराया था। टीम के नए कोच फिल ब्राउन चाहते हैं कि उनकी टीम अपने डिफेंस को मजबूत करते हुए नए सिरे से रणनीति बनाकर मैदान में उतरे।

कोच ने कहा, ‘मेरा प्लान अपने प्रमुख खिलाड़ियों को मैदान में बनाए रखना है। ऐसे खिलाड़ी जो हमारे लिए मैच जीत सकते हैं। बीते सप्ताह चेन्नई के खिलाफ हमने अंत तक सफलतापूर्वक यह काम किया था लेकिन आगे के सभी मैचो में हमें सीटी बजने के साथ ही सक्रिय रहना होगा। हमें आत्मविश्वास के साथ अपने बाकी के सभी मैचो में विपक्षी टीमों का सामना करना होगा।’
दूसरी ओर, स्टीव कोपेल की टीम लीग के शुरुआती मैचो में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लय में लौटी है। उसने शुरुआती 12 मैचों में 10 गोल किए और बीते दो मैचो में तीन बार गोल कर चुकी है। विंटर ट्रांसफर विंडो में इदु बेदिया को अपने साथ जोड़ने के बाद यह टीम आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आ रही है। कालू उचे के लौटने से भी यह टीम मजबूत हुई है। मैनुएएल लेंजारोते, गार्सिया और एवर्टन सांतोस के बीच का तालमेल टीम के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।

पुणे पर जीत एटीके के लिए काफी फायदेमंद होगी क्योंकि इससे वह अंक तालिका में चौथे स्थान पर काबिज नार्थईस्ट युनाइटेड एफसी और अपने बीच अंकों के फासले को कम कर लेगी। पुणे को हराने के लिए जॉन जॉनसन के नेतृत्व वाले एटीके के डिफेंस को पुणे के तेजतर्रार आक्रमणपंक्ति से सावधान रहना होगा। कोपेल के सामने यह दुविधा है कि वह डिफेंस में जॉनसन के साथ आंद्रे बिके को रखें या फिर अपनी आक्रमणपंक्ति को मजबूती प्रदान करते हुए बिके को आगे की पंक्ति मे खिलाएं।
पुणे के खिलाफ एटीके का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। इन दो टीमों के बीच अब तक नौ मुकाबले हुए हैं, जिनमें से दो बार ही एटीके को जीत मिली है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या एटीके अपना पिछला रिकॉर्ड बेहतर करते हुए प्लेऑफ की ओर कदम बढ़ा पाएगी या फिर एक बार फिर स्टैलियंस नाम से मशहूर पुणे कोलकाता की इस चैम्पियन टीम पर हावी रहेगी।

This post has already been read 7062 times!

Sharing this

Related posts