डीआरएस पर फैसला लेना सिर्फ धोनी का काम नहीं : रोहित

बर्मिंगम। भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि विपक्षी खिलाड़ी को नॉट आउट करार दिए जाने के बाद रिव्यू पर फैसला लेने का काम सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी का नहीं हो सकता है। टीम के दूसरे खिलाड़ियों की भी इसमें भूमिका होती है। एजबेस्टन में रविवार को भारत और इंग्लैंड के मैच में हार्दिक पंड्या की एक गेंद जेसन रॉय के दस्ताने को छूकर धोनी के हाथों में चली गई थी। अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया। उस समय पंड्या और कोहली ने धोनी से पूछा लेकिन वो आश्वस्त नहीं थे, इसलिए रिव्यू नहीं लिया गया। बाद में रीप्ले में पता चला की गेंद जेसन के दस्ताने को छूकर गई थी। मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में जब रोहित से इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह का फैसला लेना कुछ सेकेंड्स की बात है और यह जरूरी नहीं है कि आप हमेशा 100 फीसदी सही ही हों। रोहित ने कहा, ‘वह काफी ट्रिकी चीज है, आप आश्वस्त नहीं होते हैं। आप आज जेसन रॉय के बारे में बात कर रहे हैं ना? हां, कुछ खिलाड़ियों ने आवाज सुनी और कुछ ने नहीं। कप्तान दबाव में थे। यह सही नहीं है कि आप धोनी से उम्मीद करें कि वह हमेशा सही फैसला लेंगे क्योंकि कई विचार एक साथ दिमाग में चल रहे होते हैं और फील्डिंग करने वाले खिलाड़ियों के दिमाग में आते हैं। कुछ खिलाड़ियों को लगा कि किनारा लगा था और कुछ को लगा नहीं लगा था।’ उपकप्तान ने कहा, ‘अगर फैसला आपके हक में जाता है तो आप भाग्यशाली होते हैं। अन्यथा हमने देखा कि क्या हुआ क्योंकि आप इस बारे में पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो सकते कि यह सही है या नहीं क्योंकि जब अविश्वसनीय चीज होती है तो गेंदबाज काफी उत्साहित होते हैं और कहते हैं कि वह रीव्यू लेना चाहते हैं लेकिन वह इस बात पर ध्यान नहीं देते कि गेंद लाइन के बाहर है या इस तरह की कोई और बात।’

This post has already been read 10968 times!

Sharing this

Related posts