ममता ने बंगाल को कंगाल और कानून व्यवस्था तार-तार किया: अमित शाह

कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल को कंगाल और यहां की कानून-व्यवस्था को तार-तार कर दिया है।
अमित शाह सोमवार को हावड़ा जिले के उलूबेरिया में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को बंगाल से निकालने का काम सिर्फ और सिर्फ भाजपा की सरकार ही कर सकती है। ममता सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बंगाल में सड़क निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन ममता सरकार ने काम नहीं कराया। जहां निर्माण कार्य शुरू हुआ था, वहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बोर्ड हटाकर अपना नाम चिपका दिया। इस तरह से बंगाल में चप्पे-चप्पे पर भ्रष्टाचार है। एक जमाने में पूरे देश में सांस्कृतिक रूप से मार्गदर्शन करने का काम करता था बंगाल, आज की उसकी छवि दीदी ने तार-तार कर दिया है। आज यहां माफिया और सिंडिकेट राज स्थापित है।
शाह ने कहा कि बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान 37 फीसदी जनता को वोट नहीं देने दिया गया। इस बार ममता बनर्जी के गुंडे किसी को रोक नहीं सकते। चुनाव आयोग ने हर बूथ पर सीआरपीएफ तैनात किए हैं। आयोग की पुख्ता व्यवस्था से ममता बनर्जी बूथ कैप्चरिंग नहीं कर पा रही हैं। उनको पराजय दिखाई पड़ रही है। जनता अपने मत की अभिव्यक्ति स्वतंत्र रूप से कर सकती है।
अमित शाह ने ममता पर हिन्दुओं के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मस्जिद के इमामों का भत्ता बढ़ा दिया। इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पुजारियों का भी भत्ता बढ़ाना चाहिए। इस्लामपुर जिले में कहा गया कि वहां उर्दू शिक्षक नहीं चाहिए, फिर भी जबरन उर्दू शिक्षक दे रही हैं। वहां के बच्चे बांग्ला पढ़ना चाहते हैं, लेकिन ममता उन्हें उर्दू पढ़ाना चाहती हैं। पीएम मोदी ने बंगाल की दुर्गापूजा को वर्ल्ड हेरिटेज में लाने की सिफारिश की है, वहीं ममता दीदी दुर्गा पूजा, रामनवमी, विजय दशमी और सरस्वती पूजा पर प्रतिबंध लगा रही हैं।
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि 23 से ज्यादा सीटें भाजपा को दीजिए। कोई भी ताकत आपको ये उत्सव मनाने से नहीं रोक सकता। जब तक तृणमूल के साथ घुसपैठियों को नहीं हटाया जाएगा, दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा बंगाल में नहीं हो सकती। देशभर में सबसे ज्यादा गो-तस्करी बंगाल की सरहदों पर होती है। सबसे ज्यादा चरस-गांजा बंगाल की सरहदों से आता है।

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