हजारीबाग लोकसभा : केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा राजनीतिक सल्तनत बचाने के प्रयास में लगे

हजारीबाग । एक माह रह गया है। संभावना जताई जा रही है कि इसी फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। भले ही चुनाव की घोषणा में एक माह रह     गए हो, लेकिन    हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से विभिन्न पार्टियों में दावेदारी व         प्रयास पिछले कई महीनों से जारी है। फिलहाल हजारीबाग लोकसभा सीट पर भाजपा के जयंत सिन्हा का कब्जा है और वे केन्द्र में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री हैं।   स्वाभाविक है कि   2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी सीट बचाने को लेकर वे प्रयासरत हैं। पिछले दो तीन महीनों से वे गांवों का दौरा कर जन चैपाल के माध्यम से लोगों को प्रधानमंत्री मोदी, केन्द्र सरकार और अपनी उपलब्धियों की जानकारी दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उन्हें सल्तनत (सीट) बचाने के लिए दोहरी मेहनत करनी पड़ रही है। वैसे सिटिंग होने के कारण जयंत सिन्हा के टिकट की दावेदारी  से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन पूर्व केन्द्रीय मंत्री व पिता यशवंत सिन्हा द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्र सरकार की लगातार विरोधी बयानों से लोग जयंत की भाजपा से टिकट को लेकर आशंका जता रहे हैं। हालांकि केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा टिकट की दावेदारी को लेकर उहापोह में नहीं दिखते और वे अपने कार्य को जन चौपाल के माध्यम     से अंजाम दे रहे हैं। यह अलग बात हे कि केन्द्र में अपनी भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर उनके    समर्थक पोस्ट डालकर य     ह जताने का प्रयास जरूर करते दिखते हैं कि भले हीं यशवंत सिन्हा केन्द्र सरकार व मोदी की आलोचना कर रहे हो, लेकिन जयंत को पार्टी जब तब बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। सिन्हा प्रदेश में भाजपा कोर कमेटी के सदस्य भी हैं और कुछ दिन पूर्व केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक्वी ने एक महीने में उनसे छह दिन का समय मांगा है, ताकि उनके समय का उपयोग पार्टी के कार्यक्रमों में झारखंड और उससे बाहर के राज्यों में किया जा सके। पिता यशवंत के द्वारा लगातार मोदी सरकार का विरोध किए जाने को आधार बनाकर दावेदार और प्रत्याशी उनके टिकट कटने की   संभावना को प्रबल देखते हैं। यही कारण है कि पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडेय पिछले छह माह से हजारीबाग लोकसभा के क्षेत्र के प्रखंडों व गांवों में लगातार संपर्क किए हुए हैं।
इधर, चाणक्या आईएएस एकाडमी और एके मिश्रा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा भी संघ से जुड़े संगठनों का सहयोग लेकर लगातार सक्रिय हैं। मिश्रा फाउंडेशन के माध्यम से महिलाओं तक पैठ बनाने में लगे हुए हैं। वहीं खेल कूद व सेमिनार के माध्यम से युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।  वैसे सीधे पूछे जाने पर मिश्रा चुनावी राजनीति में फिलहाल आने से इंकार करते हैं, लेकिन क्षेत्र के विकास को लेकर जन प्रतिनिधियों की बैठक में जन प्रतिनिधि उनसे राजनीति में आने का पुरजोर आग्रह कर चुके हैं। साथ ही समर्थन की घोषणा भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं मिश्रा ने सम्मान कार्यक्रम   आयोजित कर भाजपा के दर्जनों   कार्यकर्ताओं  को बुलाकर अपनी भावना से उन्हें अवगत करा चुके हैं। भले हीं सदर विधायक मनीष जायसवाल अपने विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों का दौरा नहीं कर रहे, लेकिन अंदर ही अंदर वे लोकसभा चुनाव के लिए सेटिंग गेटिंग में लगे हैं। वैसे भी जायसवाल को टिकट मिलने के बाद बहुत तैयारी      करने की जरूरत नहीं है।    चर्चा यह भी है कि राज्य के वर्तमान डीजीपी डी.के पांडेय भी भाजपा से हजारीबाग लोकसभा सीट के लिए गिद्ध दृष्टि जमाए हुए हैं। स्वाभाविक है कि केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा टिकट से लेकर अपनी सीट बचाने के लिए प्रयासरत हैं, तो वहीं सदर विधायक मनीष जायसवाल, पूर्व सांसद प्रो. यदुनाथ पांडेय एवं सक्सेस गुरु एके मिश्रा अवसर की तलाश में लगे हुए हैं।

 

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