(प्रेरक कहानी) कहीं आप किसी निर्दोष को सजा तो नहीं दे रहे हैं?

एक बार की बात है, एक राज्य का एक राजा हुआ करता था, उसके पास एक सुन्दर सा तोता था। वह तोता बड़ा चतुर और बुद्धिमान था इस वजह से ही राजा उससे बहुत खुश रहता था। एक दिन तोता राजा से विनती करने लगा कि उसे अपने माता-पिता से मिलने जाना है। राजा ने तोते की बात मान ली और उससे कहा कि ठीक है पर तुम्हें पांच दिनों में वापस लौटना होगा। वह तोता खूशी-खूशी जंगल की ओर उड़ गया और अपने माता-पिता से मिलकर बहुत खुश हुआ।…

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शब्दों की समस्या दूर भगाओ शब्दकोश के साथ

अक्सर पढ़ाई करते वक्त तुम्हारे सामने अंग्रेजी या हिन्दी के कई ऐसे शब्द आ जाते हैं, जिनका अर्थ तुम्हें पता नहीं होता। अगर कोई उस शब्द का सही अर्थ बताने वाला हो तब तो ठीक है, नहीं तो अर्थ का अनर्थ निकल जाता है। तुम्हारी पढ़ाई भी डिस्टर्ब होती है और तुम सही से समझ भी नहीं पाते। तुम्हारी इस समस्या का समाधान सिर्फ एक क्लिक पर चंद सेकेंड्स में हो जाएगा। शब्दों का संसार है शब्दकोश वेबसाइट शब्दकोश डॉटकॉम नामक वेबसाइट एक ऐसी वेबसाइट है, जहां तुम्हें हिन्दी या…

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(बाल कथा) जिसका काम उसी को साजे

-विष्णु शर्मा (पंचतंत्र)- एक धोबी था। उसके पास एक गधा और एक कुत्ता था। धोबी सुबह−सुबह गधे पर कपड़े लादकर और कुत्ते को साथ ले घाट पर पहुंच जाता। घाट पर धोबी कपड़े धो−धोकर सुखाता और कुत्ता उनकी रखवाली करता जबकि गधा सारा दिन पेड़ की छांव में खड़ा घास चरता रहता है। दिन ढलने पर धोबी वापस आ जाता। एक रात धोबी के घर चोर घुस आया। आहट पाकर कुत्ते ने उसकी तरफ देखा, फिर मुंह फेरकर सो गया। ये दोनों घर के आंगन में थे। गधा खूंटे से…

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बाल कहानी: आलस्य का परिणाम

-राजकुमार जैन राजन- बिजली चमक रही थी। बादल गरज रहे थे और वर्षा जोरों से हो रही थी। लगातार बारिश की वजह से जंगल में पानी भर गया था। सभी जानवर अपने बच्चों के साथ अपनी-अपनी जगह छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके थे। हवेली के बगीचे में एक तालाब था। तालाब के उस पार एक पहाड़ी थी, जिस पर बहुत सी झाडि़यां और जंगली फूलों के पेड़ लगे हुए थे। बगीचे में आम के पेड़ों का एक बहुत बड़ा झुण्ड भी था। उस झुण्ड के बीचों-बीच चीकू और…

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जाने अपने बच्चे के अडि़यल, चिड़चिड़ा और झगड़ालू होने के कारण…

बच्चे को समझदार, संस्कारी और एक अच्छा इंसान बनाने का सपना तो हर माता-पिता का होता है लेकिन इसे साकार कुछ गिने-चुने पेरैंट्स ही कर पाते हैं क्योंकि इसे पूरा करने में कड़ी मेहनत करने की जरूरत होती हैं जो आजकल के बिजी मां-बाप नहीं कर पाते। असल में बच्चों की अच्छी-बुरी आदतों और आचार व्यवहार के पीछे की वजह माता-पिता का व्यवहार होता हैं। अगर बच्चे का स्वभाव अडि़यल, जिद्दी, झगड़ालू, चिड़चिड़ा है तो उसके सही मायने में जिम्मेदार पेरैंट्स ही हैं। सच तो यह है कि बच्चों पर…

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(बाल कहानी) जीरो से हीरो

-शील कौशिक- उमा को जेब खर्ची नहीं मिलती थी। उमा सोचती कि उसकी मम्मी उसे जेब खर्ची क्यूं नहीं देती? जब वह घर आकर अपनी मम्मी को बताती कि उसकी सभी सहेलियां अपनी जेब खर्ची से रास्ते में तरह-तरह की चीजें खरीद कर खाती हैं तो मम्मी उसे डांट देती। उसे लगता कि मम्मी उसे जरा भी प्यार नहीं करती तथा भाई को सारा दिन लाड़-प्यार करती है। मम्मी उसके सामने ही भाई को खूब सारी जेब खर्ची देती। इस बात से अंदर ही अंदर उमा के मन में विद्रोह…

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भारी-भरकम स्कूल बैग्स और स्वास्थ्य समस्याएं

-प्रेमा राय- स्कूल बैग्स के बोझ के कारण बच्चों की कमर झुक रही है, उनका पॉस्चर भी खराब हो रहा है। नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के न्यरो एंड स्पाइन डिपाटमेंट के डायरेक्टर डा.सतनाम सिंह छाबड़ा का कहना है कि अगर बच्चों का भारी स्कूल बैग ले जाना जारी रहा तो आगे चलकर उन्हें कईं स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे स्पोनडोलाइटिस, झुकी हुई कमर और पॉस्चर की समस्या. भारी बैग उठाने का बच्चों पर भावनात्मक प्रभाव भी पड़ता है, मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि भारी…

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अपने नवजात को कुछ इस तरह लपेटें

जन्म से पहले तक गर्भ में शिशु एक छोटे से जगह में रहने का आदि होता है। इसलिए शिशु को ऐसी जगह पर ही सुरक्षित महसूस होता है। जन्म के बाद जब बच्चा खुले में रहता है, तो बच्चे को कुछ समस्या हो सकती है या वह असहज महसूस कर सकता है। इसलिए ही आरंभ में उसे लपेट कर रखा जाता है। माना जाता है की लपेटने से शिशु उस समय भी आराम से रहता है जब वह उत्तेजित होता है। दरअसल देश के विभिन्न हिस्सों में शिशुओं को मुलायम…

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यह कैसी मित्रता (बाल कहानी)

-प्रभुदयाल श्रीवास्तव- गणेशी के खेत में बने तीन कमरों के घर में चिंकू चूहे ने अपना निवास बना लिया था। घर के ठीक सामने दो ढाई सौ फुट की दूरी पर एक नीली नदी बहती थी। नदी थी तो पहाड़ी परन्तु मार्च महीने तक उसमें भरपूर पानी रहता था। बरसात में तो पानी खेत की मेढ तक ठहाके लगाकर खेत के भीतर तक घुसने की धमकी देता रहता। चिंकू जब घर में धमाचौकड़ी करते करते उकता जाता तो नदी की तरफ दौड़ जाता और किनारे पर बैठकर कल कल छल…

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(बाल कहानी) डिंपी बनी डॉक्टर

-जयंती रंगनाथन- जंबो ने जंगल में कदम रखा तो परेशान हो गया। हर तरफ गंदगी, इतनी गंदगी कि उसे मुंह पर कपड़ा बांधना पड़ गया। जंगल के जानवर गंदगी में सो रहे थे, वहीं पड़ा खाना भी खा लेते थे। जंबो को चलते-चलते खांसी होने लगी। डिंपी बंदरिया सरकस में काम करती थी। ऊंची कूद लगाना, जलते टायर में से भाग कर निकलना, अपनी कमर पर हाथ रख कर ठुमक-ठुमक कर नाचना उसे खूब आता था। एक बार उनका सरकस एक नदी के पास लगा। नदी में बाढ़ आ गई…

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