रांची। झारखंड के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य में दुग्ध व्यवसाय के लिए उज्जवल भविष्य है। यह हमारे दुग्ध उत्पादकों के लिए एक सुनहरा अवसर है। बादल पत्रलेख शुक्रवार को झारखंड राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ एवं इंडियन डेयरी एसोसिएशन ईस्ट जोन (झारखंड चैप्टर) के तत्वावधान में श्वेत क्रांति के जनक डॉ वर्गीज कुरियन के सौंवे जन्मदिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। यह कार्यक्रम होटवार प्लांट स्थित परिसर में किया गया। मंत्री ने डॉ वर्गीज कुरियन की मूर्ति का अनावरण भी किया।

मौके पर मंत्री ने डॉ कुरियन के जन्म शताब्दी पर उनके योगदान की चर्चा की और बताया कि किस तरह उनके द्वारा श्वेत क्रांति प्रारंभ किया गया, जिसमें दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिला। हमारे सीमांत दुग्ध उत्पादक किसानों को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली। आज डॉ कुरियन के सोच एवं प्रयासों का ही नतीजा है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन सबसे बड़ा व्यवसाय और रोजगार बन कर उभरा है। ग्रामीण क्षेत्र के एक तिहाई आय का श्रोत बना है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के लोगों को अपने ही राज्य में आय का श्रोत उपलब्ध होगा।

उन्होंने राज्य सरकार से महासंघ को यथा संभव सभी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कृषि विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दकी ने डॉ वर्गीज कुरियन के जन्म शताब्दी के अवसर पर किसानों के बीच करीब 86 लाख बोनस का वितरण किया। साथ ही नौ दुग्ध सहाकारिता समितियों को निबंधन पत्र सौंपा। रक्तदान करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र दिया गया। महासंघ ने मेधा ब्रांड के अंतर्गत मिठाई की श्रेणी में अपना नया प्रोडक्ट मेधा स्पेशल को लांच किया।
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