रांची। आंतक निरोधी दस्ता (एटीएस) को रिमांड के दौरान अलकायदा का आतंकी मोहम्मद कलीमुउद्दीन मुजाहिरी ने कई सफेदपोश लोगों के नाम बताए हैं, जो संगठन का विस्तार करने में उसकी मदद करते थे। कलीमुद्दीन ने जिन लोगों के नाम बताए हैं उनका सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद कई चेहरों के सामने आने की आशंका है।
एटीएस ने सात दिनों के लिए कलीमुद्दीन को रिमांड पर लिया था। इस दौरान कलीमुद्दीन ने अलकायदा के झारखंड लिंक के संबंध में कई जानकारी एटीएस को दी है। संगठन को आर्थिक सहायता देने वाले सफेदपोशों और झारखंड के कोल्हान से लेकर प्रदेशभर में जुड़े सदस्यों की जानकारी दी है। उसने अपने बेटे हुजैफा के कोलकाता ठिकाने के बारे में भी बताया है। साथ ही उसने मानगो और कपाली के जिन युवाओं को संगठन से जोड़ा है उन लोगों के नाम भी बताये हैं।
एटीएस की पूछताछ में कलीमुद्दीन ने खुलासा किया कि उसने जमशेदपुर के मानगो, काली, पोटका, सरायकेला, चांडिल, रांची और अन्य इलाकों के कई युवकों को आतंकवादी संगठन से जोड़ा है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार मानगो निवासी मौलाना कलीमुद्दीन को एटीएस एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंची थी। मेडिकल जांच के बाद उसे जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के पास पेश किया गया। कोर्ट से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उसे घाघीडीह सेंट्रल जेल के विशेष सेल नंबर-3 में भेज दिया।
21 सितंबर को उसे जमशेदपुर से कोलकाता जाने के दौरान टाटानगर स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। झारखंड के अलावा बंगाल, ओड़िशा और आंध्रप्रदेश की एटीएस टीम ने भी मौलाना कलीमुद्दीन से पूछताछ की है। उससे अलकायदा के नेटवर्क और उसको फैलाने में कलीमुद्दीन की भूमिका को लेकर पूछताछ हुई है। कलीमुद्दीन ने एटीएस को बताया कि अलकायदा से जुड़ने वालों को सऊदी अरब से काठमांडू के रास्ते पाकिस्तान भेजा जाता है। वहां से प्रशिक्षण लेकर वे लोग भारत लौटते हैं। किसी तरह अब्दुल रहमान कटकी देश के विभिन्न स्थानों पर अलकायदा के लोगों से संपर्क में था। कटकी तिहाड़ जेल में बंद है।
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