रत्नागिरी में बांध टूटने से 25 लोग लापता, तीन के शव बरामद

मुंबई। महाराष्ट्र के रत्नागिरी में तिवरे बांध टूटने की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस हादसे में 25 लोग लापता हो गए हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं। इसके साथ लगभग 12 मकान पानी में बह गए हैं। बांध के पानी की वजह से करीब 12 गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। राहत एवं बचाव कार्य के लिए पुणे और सिंधुदुर्ग से एनडीआरएफ की टीम पुहंच गई है। इस बांध का निर्माण 2012 में पूरा हुआ था।

भारी बारिश के कारण डैम ओवरफ्लो हो गया और टूट गया। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से बांध के क्षतिग्रस्त होने की संभावना जताई थी लेकिन प्रशासन की ओर से शिकायतों की अनदेखी की गई।रत्नागिरी के जिलाधिकारी सुनील चव्हाण ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वॉलंटियर्स के अलावा एनडीआरएफ टीम को भी बचाव और राहत कार्य में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि तिवरे डैम में बारिश के चलते पहले ही जलस्तर बहुत बढ़ गया था, जिसके बाद यह हादसा हुआ। इस हादसे में बांध के करीब की बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इस बस्ती में लगभग 80 से ज्यादा मकान हैं।

कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मामले की जांच कराई जाएगी।उल्लेखनीय है कि यह तिवरे बांध रत्नागिरी जिले के सुदूर गाँव में स्थित है। जिला कलेक्टर सुनील चव्हाण को घटना की जानकारी देर रात करीब दो बजे मिली थी। जानकारी प्राप्त होने के बाद क्षेत्र में सहायता और बचाव कार्य शुरू किया गया है और क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। पुणे और सिंधुदुर्ग से एनडीआरएफ जवानों को मदद के लिए बुलाया गया है। बांध के पास का दादर पुल भी पानी के नीचे चला गया है, जबकि ओवली, रिक्टोली, आंकले, दादर, नंदीवासे, कलकवणे और अन्य गांवों से संपर्क टूट गया है।लघु बांध विभाग की देखरेख में तिवरे बांध का निर्माण किया गया था। इस बांध की जल संचय क्षमता 2452 मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 0.08 टीएमसी है। इस बांध का निर्माण वर्ष 2012 में पूरा हुआ था। इस बांध के टूटने के कारण तिवरे और धायगाँव के लिए खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, इस बांध के पानी को नहर की मदद से वशिष्ठ नदी में छोड़ा जाता है। 
सूत्रों के अनुसार, तिवरे बांध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय प्रशासन को दी थी लेकिन प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई। मंगलवार रात ओवरफ्लो होने से यह बांध टूट गया और कई गांव बांध के पानी में डूब गए।मुंबई में शनिवार से हो रही भारी बारिश ने रेल, हवाई और सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। मुंबई, कल्याण और पुणे में कई इलाकों में दीवार ढहने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। फिलहाल मुंबई में अब रुक-रुक कर बारिश हो रही है। आज भी मुंबई और आस-पास के इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

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