सुविधा मुहैया कराए बिना नहीं करने देंगे कोयला खनन: विस्थापित

पाकुड़। अमड़ापाड़ा के पचुवाड़ा नाॅर्थ कोल ब्लॉक परियोजना के विस्थापितों ने सुविधाएँ मुहैया कराए बिना उत्खनन नहीं करने देने की बात कही है। विस्थापितों का आरोप है कि उनसे किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। पश्चिम बंगाल पावर डवलपमेंट काॅरपोरेशन लिमिटेड व बीजीआर कंपनी के अधिकारी नाॅर्थ कोल ब्लॉक परियोजना क्षेत्र के विस्थापितों के साथ वार्ता करने पहुँचे थे। इसमें डब्ल्यूबीपीडीसीएल के एमडी शांतनु बसु, अमलेश कुमार तथा बीजीआर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट अनिल रेड्डी सहित कई अधिकारी शामिल थे। देर शाम तक चली वार्ता बेनतीजा रही। विस्थापितों के अलावा इस परियोजना से प्रभावित होनेवाले लोगों ने समुचित सुविधाएँ मुहैया कराए बिना काम नहीं करने देने की बात पर अड़े रहे। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने हमेशा उनके साथ धोखाधड़ी की है। इसलिए वे तबतक कोयला उत्खनन व परिवहन करने नहीं देंगे, जबतक उन्हें उनका हक व सीएसआर पाॅलिसी के प्रावधानों के तहत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं करायी जाती हैं। आंद्रियस मुरमू, सुरेश टुडू आदि दर्जनभर से अधिक विस्थापितों ने बताया कि बीजीआर कंपनी ने उनसे जो वादा किया था, उसमें एक भी पूरा नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों कंपनी द्वारा कोयला खदान में जमा पानी खाली कराने का भी ग्रामीणों व विस्थापितों ने विरोध किया था। जिसे कंपनी के लोगों ने किसी तरह संभाल लिया था। इसी दौरान पिछले सप्ताह बगैर किसी पूर्व सूचना के कंपनी ने कोयला उत्खनन के मद्देनजर खदान में विस्फोट कर दिया। जिससे ग्रामीण व विस्थापित भड़क उठे और उन्होंने काम बंद करवा दिया। ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही डब्ल्यूबीपीडीसीएल व उसकी एमडीओ कंपनी बीजीआर के अधिकारी उनसे वार्ता करने पहुँचे थे। उधर, डब्ल्यूबीपीडीसीएल व बीजीआर कंपनी के अधिकारियों व डीसी कुलदीप चौधरी की इस बात को लेकर सोमवार देर रात तक बैठक चली। इसमें डीसी ने कंपनी के अधिकारियों को विस्थापितों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया। साथ ही बगैर किसी अधिकृत कागजातों के विस्फोट करने के बावत भी चर्चा की गई। इस संबंध में डीसी कुलदीप चौधरी ने मंगलवार को बताया कि कोल कंपनी के अधिकारियों से मैनेजमेंट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई है। साथ ही स्टेयरिंग कमिटी को विस्फोट के मामले की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोल ब्लॉक परियोजना क्षेत्र में मैगजीन हाउस मामले में स्क्रिनिंग कमिटी को निर्णय करना है। फिलहाल कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह पहले विस्थापितों के साथ किए गए वादे पूरे करे जिसमें जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।

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