दिल्ली और एनसीआर से ट्रैफिकिंग के शिकार 7 बच्चों समेत 10 को कराया मुक्त, इनमें 9 लड़कियां

सभी को झारखण्ड सरकार से मिलेगा सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ
रांची। एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र ( आईआरआरसी), दिल्ली और झारखंड की खूंटी एस्कॉर्ट टीम ने ट्रैफिकिंग के शिकार 10 बच्चों को मुक्त कराया है, जिनमें 9 लड़कियां और एक नाबालिग लड़का शामिल है। लड़कियों में तीन बालिग और छह नाबालिग हैं। सभी 10 बच्चे खूंटी जिले के रहने वाले हैं। इन बच्चों के पुनर्वास के लिए उन्हें शुक्रवार को दिल्ली से खूंटी भेजा गया। पिछले दिनों बच्चों को दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न घरों से मुक्त कराकर आश्रय गृह में रखा गया था। ये सभी प्लसमेन्ट एजेंसी के झांसे में आकर घरों में कार्य कर रहे थे ,जहां उनका शोषण हो रहा था। नोडल अधिकारी कलानाथ ने बताया कि सीडब्ल्यूसी दिल्ली और एनसीआर, नई दिल्ली से एस्कॉर्ट आर्डर लेकर सफलतापूर्वक इन सभी को मुक्त कराया गया और शुक्रवार को झारखण्ड के लिए रवाना कर दिया गया है। सभी लोगों को आईआरआरसी की ओर से बैग में रिफ्रेशमेंट, लंच, हाइजिन किट के साथ पानी की बोतल, स्नैक्स और आई कार्ड दिए गए हैं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि झारखण्ड सरकार से सभी को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत अनुमान्य लाभ और सहायता दी जायेगी तथा कौशल विकास से जोड़ कर नियोजन प्रदान किया जाएगा। झारखंड के स्थानिक आयुक्त एमआर मीणा ने बताया कि पूरे मामले पर नज़र रखते हुए आईआरआरसी और सीडब्ल्यूसी (नई दिल्ली) तथा डब्ल्यूसीडीएसएस (रांची) ने आवश्यक मार्गदर्शन, समन्वय और सहयोग दिया।

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