नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में सजायाफ्ता नलिनी श्रीहरन के पैरोल की अवधि मद्रास उच्च न्यायालय ने गुरुवार को तीन सप्ताह और बढ़ा दी। पहले उसे बेटी की शादी के लिए 30 दिनों की साधारण पैरोल दी गई थी, जो 25 अगस्त को समाप्त हो रही है। 52 वर्षीय नलिनी श्रीहरन को 25 जुलाई को अपनी बेटी हरिता की शादी की व्यवस्था के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था। उसकी यह बेटी जेल में पैदा हुई थी और लंदन में रहती है।
देश में सबसे लंबे समय तक जेल में रहने वाले कैदियों में से एक नलिनी को 28 साल पहले 15 जून, 1991 को गिरफ्तार किया गया था। यह पहली बार है जब वह अपनी गिरफ्तारी के बाद से पैरोल पर बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से उसे दिए गए संक्षिप्त आपातकालीन पैरोल केवल कुछ घंटों तक के लिए ही थे। एक बार उसके भाई की शादी के लिए और दूसरी बार 2016 में उसके पिता की मृत्यु के बाद। पैरोल की शर्तों के अनुसार इस अवधि में उसे राजनेताओं से मिलने, सार्वजनिक बयान देने और मीडिया को साक्षात्कार देने की मनाही है।सुप्रीम कोर्ट ने 1999 में नलिनी और छह अन्य अपराधियों के खिलाफ मौत की सजा को बरकरार रखा। तमिलनाडु सरकार की सिफारिश पर साल 2000 में नलिनी की मौत की सजा को कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
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