बेगूसराय। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के बरौनी रिफाइनरी में विस्तारीकरण परियोजना का कार्य तेजी से हो रहा है। इसी कड़ी में रिफाइनरी में बीएस-फोर एवं सिक्स परियोजना के तहत नई प्राइम जी प्लस यूनिट को सफलतापूर्वक संचालन किया गया।
नई ग्रास रूट प्राइमजी प्लस यूनिट में फीड कट चार अगस्त को प्राप्त किया गया तथा छह अगस्त को विशेष उत्पादों का उत्पादन किया गया। इसके बाद बरौनी रिफाइनरी की कार्यपालक निदेशक शुक्ला मिस्त्री ने यूनिट के संचालन की घोषणा की । उत्पादन होने के बाद गुरुवार को कार्यपालक निदेशक ने परियोजना टीम और सहयोगियों को उच्चतम सुरक्षा मानकों और निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस यूनिट को सफलतापूर्वक चालू करने के लिए बधाई दी है।
कार्यपालक निदेशक ने बताया कि प्राइमजी प्लस यूनिट बरौनी रिफाइनरी द्वारा बीएस-सिक्स ईंधन मानदंडों का पालन करने की परियोजना का एक हिस्सा है जिसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2020 से बीएस-सिक्स गुणवत्ता वाले ऑटो ईंधन को लागू करने के लिए अनिवार्य किया गया है। इस संयंत्र से बरौनी रिफाइनरी बीएस-सिक्स गुणवत्ता के पेट्रोल का उत्पादन करने में सक्षम होगी।
उन्होंने बताया कि यूनिट का उद्देश्य बीएस-सिक्स ईंधन विनिर्देशन के तहत दस पीपीएम सल्फर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आरएफसीसी यूनिट से आने वाले लाइट क्रैक्ड नैफ्था (एलसीएन) गैसोलीन से सल्फर कंटेंट को कम करने के साथ-साथ हेवी क्रैक्ड नैफ्था (एचसीएन) गैसोलीन के भाग को कम करना है। नई प्राइमजी प्लस यूनिट की डिजाइन क्षमता 486 टीएमटीपीए है। पुराने प्राइमजी प्लस यूनिट एवं नई प्राइमजी प्लस यूनिट की एकीकृत क्षमता अब 840 टीएमटीपीए है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में उच्च सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए बिना दुर्घटना के कुल 5.84 मिलियन मानव घंटे का उपयोग किया गया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (परियोजना) बी बी बरूआ, मुख्य महाप्रबंधक (टीएस एवं एचएसई) आर के झा, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) ए के तिवारी समेत परियोजना की पूरी टीम एवं कोर ग्रुप मौजूद थे।
This post has already been read 5878 times!