पालघर में मेक इन इंडिया के तहत 500 करोड़ का निवेश

मुंबई। पालघर के वसई इलाके में मंगलवार को मेक इन इंडिया के तहत 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रामा हिकविजन नामक कंपनी ने किया है,जो विश्वस्तरीय सुरक्षा उपकरण बनाएगी। कंपनी के निवेश से हजारो लोगो को रोजगार मिलेगा। कंपनी का उद्धघाटन नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी आर डीओ) के पूर्व महानिदेशक एवं रक्षा मंत्री के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. नीरज सिन्हा (सलाहकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी) ने किया। उपकरण का निर्माण करने वाली यह कंपनी मासिक आधार पर घरेलू बाजार की मांग के 35 फीसदी से अधिक को पूरा करेगी और आगे चलकर घरेलू मांग को पूरी तरह पूरा करेगी।

प्रामा हिकविजन इंडिया प्रा. लिमिटेड के एमडी और सीईओ आशीष पी. ढकन ने कहा, “यह नई एकीकृत अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के प्रति हमारी पूर्ण प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। हम देश की  मांग के दीर्घकालिक साझेदार के रूप में प्रतिबद्ध हैं और ‘मेक इन इंडिया फॉर ए सेफर इंडिया’ के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रतिबद्धताओं के साथ अपना प्रयास जारी रखेंगे। हमने अब तक इस नए संयंत्र में 500 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। इस नई इकाई में प्रति माह 15 लाख कैमरे बनाने की एक स्थापित क्षमता है। इसकी नौ लाइनें हैं जो सर्फेस माउंट प्रौद्योगिकी लेवल उत्पादन करती हैं और हमें इलेक्ट्रॉनिक चिप्स और कैमरों को आयात करने के बजाय स्थानीय रूप से बनाने के लिए सक्षम बनाती हैं।”

उन्होंने बताया ” कंपनी में जो लोग कार्य पर रखे गए है पहले वे बेरोजगार थे, उनके कौशल में सुधार लाने के लिए हमने इन-हाउस प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए हैं, जिसमें विश्व स्तर के मॉड्यूल शामिल हैं, जो उन्हें सामाजिक-आर्थिक रूप से मुख्यधारा में ला रहे हैं। प्रामा हिकविजन न केवल तेजी से बढ़ते घरेलू बाजार को पूरा करने में सक्षम होगा, बल्कि चरणबद्ध तरीके से निर्यात हब भी बनेगा।”

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