सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाने वाली महिला की जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टली

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला को फर्जीवाड़े के एक मामले में मिली जमानत के खिलाफ दायर दिल्ली पुलिस की याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 मई को होगी। चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष खुराना ने महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले नवीन को 23 मई को पेश करने का निर्देश दिया है।

उक्त महिला के खिलाफ हरियाणा के झज्जर के निवासी नवीन कुमार ने पिछले 3 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी कि महिला ने सुप्रीम कोर्ट में नौकरी दिलवाने के लिए पचास हजार रुपये की रिश्वत ली थी। पुलिस ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि उक्त महिला शिकायतकर्ता नवीन कुमार को धमका रही थी। इस मामले में कोर्ट ने उक्त महिला को पिछले 12 मार्च को जमानत दे दी थी। जमानत के इसी आदेश के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने याचिका दायर की है।

उक्त महिला ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पिछले 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के 22 जजों को हलफनामे के साथ पत्र लिखा था। इसकी खबर कुछ वेबसाइट्स ने भी छापी। आज ही सुबह सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर आपात सुनवाई की। सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यौन प्रताड़ना के आरोपों का सिरे से खंडन किया था।

कोर्ट ने कहा था कि हम मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक नहीं लगा रहे हैं लेकिन उम्मीद करते हैं कि मीडिया तथ्यों को जांचे बगैर इस तरह न्यायापालिका को निशाना बनाने वाले फर्जी आरोप नहीं छापेगा। कोर्ट ने कहा था कि हम मीडिया पर छोड़ते हैं कि वे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बरकरार रखें। हम कोई न्यायिक आदेश नहीं पारित कर रहे हैं।

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