ऐसे में वायु प्रदूषण रुके भी तो आखिर कैसे

-डॉ हिदायत अहमद खान- हिन्दुस्तान की राजधानी दिल्ली विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में भी सबसे ऊपर वाले पायदान पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राज्य सरकार पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन उसका असर भी देखने को नहीं मिल रहा है। कुल मिलाकर केजरीवाल सरकार प्रदूषण रोकने में नाकामयाब रही है, ऐसा ज्यादातर लोगों का कहना है। जबकि देखने वाली बात यह है कि जब-जब केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए जरुरी कदम उठाने…

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(व्यंग्य) परिणाम की बातें और बेकरार रातें

-संतोष उत्सुक- नए साल के स्वागत में बढ़ती ठंड के साथ नेताओं के शरीर में इंतजार की छटपटाहट धीरे धीरे घुसने लगी है। उनका जी पूरी तरह से मितलाने में अभी समय लगेगा। जहां जहां वोटिंग होती जाएगी चुनाव परिणाम के दिन तक रातें लम्बी और बेकरार रहेंगी। बच्चों के प्लस टू के इम्तिहान व जो भी हो परिणाम के बीच अभिभावकों की उत्सुकता से भी एक हजार गुणा बेकरारी का समां होगा। खबरें तो यही बताती हैं कि वोटिंग के बाद जनाब धूप में आराम फरमा रहे हैं, गन्ने…

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हंगामेदार होगा संसद का शीत सत्र

-आशीष वशिष्ठ- पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के दिन शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। एग्जिट पोल से नतीजों की जो तस्वीर उभरकर सामने आई है उससे तो यह तय हो गया है कि सड़क से लेकर संसद तक हंगामा, शोर-शराबा और धूम-धड़ाका होना तय है। यदि भाजपा जीती तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों पर भाजपा को घेरना मुश्किल हो जाएगा। लेकिन, यदि कांग्रेस कामयाब रही तो विपक्षी पार्टी ऐसे मुद्दे उठा सकती हैं…

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पदनाम बदलने के साथ दबाव से मुक्ति भी जरूरी

प्रमोद भार्गव पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य-प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि ‘मध्य-प्रदेश में उनकी सरकार बनने के बाद कलेक्टर का पदनाम बदल दिया जाएगा।‘ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उचित नाम सुझाने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भी सलाह ली जाएगी। यह सही है कि जिला प्रमुख के कलेक्टर नाम से वह अर्थ और ध्वनि नहीं निकलते हैं, जो उनकी कार्यशैली और कार्य क्षेत्र का हिस्सा है। कलेक्टर का सामान्य अर्थ, संग्राहक, संग्रहकर्ता, संकलनकर्ता एकत्रित करने वाला अथवा कर उगाहने वाला होता…

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पाकिस्तानी मीडिया पर सरकारी पहरेदारी

मोहम्मद शहजाद हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों हमसाया मुल्क हैं। यही वजह है कि दोनों में काफी समानताएं हैं। एक जैसी रंगत और चेहरे-मोहरे के लोग, भाषा, संस्कृति, कला और रस्मो-रिवाज सरहद के इधर के भी हैं और उधर भी। जुगराफियाई और सामाजिक संरचनाएं भी लगभग एक जैसी हैं लेकिन बात जब लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून-व्यवस्था और सुख-शांति की आती है तो दोनों में जमीन आसमान का अंतर नजर आता है। सीमा के इस तरफ इनका सम्मान किया जाता है, तो उस तरफ इनका खुला उल्लंघन होता है। जम्हूरियत के चौथे स्तंभ…

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यूपीए की नीति के प्रतीक हैं माल्या, नीरव

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण में तर्क और तथ्य तलाशना आसान नहीं होता। वह दूसरे को बेईमान बताते हैं, अपशब्दों का प्रयोग करते है। हालांकि इसके मद्देनजर वह अपनी पार्टी को निर्दोष साबित करने में विफल रहते हैं। वह आर्थिक भगोड़ा की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी का अतीत सामने आ जाता है। इस समय उनके भाषण से लगता ही नहीं कि वह कांग्रेस के नेता हैं। ऐसा लगता है कि कार्ल मार्क्स नए रूप में सामने आ गए हैं। राहुल के भाषण में अम्बानी,…

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पुलिस का घटता रसूख चिंताजनक

सियाराम पांडेय ‘शांत’ हिंसा छोटी हो या बड़ी,समाज को प्रभावित करती है। इससे समाज का विकास अवरुद्ध होता है। हिंसा जिला और पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी बयां करती है। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी की कहावत निर्मूल नहीं है। पुरखों ने हृदय के तराजू पर तौल कर ही कोई बात कही है। उसे न तो खारिज किया जा सकता और न ही हवा में उड़ाया नहीं जा सकता है। बुलंद शहर में हुई घटना इस बात का प्रमाण है कि पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।…

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जाड़े में रखें ये सावधानियां

: अनिरूद्ध वर्मा बरसात की बीमारी वाले मौसम के बाद आशा बंधती है कि जाड़े के दिन स्वास्थ्य के लिए अच्छे होंगे। हालांकि इस मौसम में भी शरीर पर रोगों का कुछ न कुछ प्रकोप हो ही जाता है। जाड़े के इस मौसम में होने वाली बीमारियों से कुछ सावधानियां अपनाकर बचा जा सकता है। जाड़े के मौसम में खांसी का प्रकोप ज्यादा होता है। ठंडी हवाएँ गले मेें प्रवेश कर जाती हैं। ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण हो जाता है, जिससे खांसी की समस्या हो सकती है। जाड़े के…

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भारतीय पेमेंट नेटवर्क की मजबूत दावेदारी

विनय के पाठक पेमेंट नेटवर्क की दुनिया में रुपे और यूपीआई जैसे भारतीय नेटवर्क के विस्तार से मास्टरकार्ड और वीजा जैसी विदेशी दिग्गज कंपनियां सकते में हैं। हालात यहां तक पहुंच गये कि मास्टरकार्ड को तो अमेरिकी प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार करनी पड़ी है। मास्टरकार्ड ने अमेरिका के ऑफिस ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) के पास शिकायत देकर कहा है कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार अपने पेमेंट नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रवाद का सहारा ले रही है। इस शिकायत में कहा है कि भारत सरकार…

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असफलता छिपाने का कांग्रेसी अभियान

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री राहुल गांधी को लग रहा है कि राफेल डील पर हमले से कांग्रेस की छवि में निखार आ जाएगा। उनका यह अंदाज अब फ्रांस में भी चर्चा का विषय बन गया है। ये बात अलग है कि वहाँ के सभी संबंधित पक्ष राहुल के बयानों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहां राफेल कम्पनी ने चुनौती दी है, इधर खरीद प्रक्रिया सार्वजनिक होने से कांग्रेस की ही मुश्किल बढ़ने का अनुमान है। ऐसा इसलिए वर्ष 2013 में यूपीए सरकार ने जो प्रक्रिया तय की थी, उसी के अनुरूप…

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