भारत की एकता को खोखला कर रहा राष्ट्रवाद का दीमक

-संतोष कुमार “प्यासा”- 2014 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद “राष्ट्रवाद” की ऐसी सुनामी उठी की पूरा देश हिलोरे खाने लगा. “राष्ट्रवाद” (देश भक्ति) की धारा में तमाम तथाकथित राष्ट्रवादी अपनी अपनी स्वार्थ की नैया लेकर चल निकले. चाहे डिजिटल नुक्कड़ (फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सप्प इत्यादि) हो या गाँव, गली या शहर के नुक्कड़ हर जगह अचानक से राष्ट्रवाद की चर्चाएं होने लगी. लेकिन हकीकत ये रही की इस खोखले राष्ट्रवादी विचार ने देश में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी. मुसलमानों को डर लगने लगा वही चोटी-तिलकधारियों को “हिंदुत्व”…

Read More

पर्यावरण : सांसें हो रही कम, आओ पेड़ लगाएं हम

-योगेश कुमार गोयल- दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहर प्रदूषण के चलते बुरी तरह हांफ रहे है और पिछले कुछ समय से देश में पर्यावरण का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है, जिसका खामियाजा देश ने वर्षभर किसी न किसी बड़ी आपदा के रूप में भुगता भी है। पर्यावरण संबंधी कई अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टों में स्पष्ट हो चुका है कि भारत के कई शहर दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के विश्वव्यापी वायु प्रदूषण डाटाबेस के अनुसार विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित 15 शहरों में से 14…

Read More

कुलभूषण पर फैसला, भारत की बड़ी जीत

-रमेश ठाकुर– भारत के विशेष प्रयासों के चलते इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी आईसीजे ने पाकिस्तान के चुंगल में कैद हमारे पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। फैसले के बाद सवा सौ करोड़ भारतीयों ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए केंद्र सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की। इसे भारत की बड़ी न्यायिक और कूटनीतिक जीत बताया जा रहा है। आईसीजे के फैसले के बाद पाकिस्तान एक बार फिर कुलभूषण जाधव मामले में औंधे मुंह गिरकर दुनिया के सामने अपनी गलत हरकतों के…

Read More

स्वर्णिम भविष्य का स्वप्न दिखाती नई शिक्षा नीति

-डॉ. नीलम महेन्द्र- बच्चे देश का भविष्य ही नहीं, नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी, इमारत उतनी ही बुलंद होगी। इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूप रेखा तैयार की गई है। अपनी इस नई शिक्षा नीति को लेकर मोदी सरकार एक बार फिर चर्चा में है। चूंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। इसलिए इसके विरोध में स्वर उठना भी स्वाभाविक था, स्वर उठे भी। लेकिन मोदी सरकार इस शिक्षा नीति को लागू करने…

Read More

नए भारत का रास्ता है ‘डिजीटल लेन-देन’

-डॉ. जयंतीलाल भंडारी- यकीनन इस समय देश कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था बनने के लिए डिजीटल भुगतान को प्रोत्साहन के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में पहली बार बैंकिंग और वित्तीय संस्थान बिना कोई चार्ज लिए डिजीटल लेन-देन की डगर पर आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एस.बी.आई.) ने सुनिश्चित किया है कि 1 अगस्त, 2019 से ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने वाली इमीडिएट पेमैंट सर्विस (आई.एम.पी.एस.) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। एस.बी.आई. योनो एप, इंटरनैट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से…

Read More

आत्मजागृति के पर्व के रूप में मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा का त्योहार

-पं. श्रीराम शर्मा आचार्य- आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में प्रचलित अन्य सभी त्योहारों की अपेक्षा इसका महत्व अधिक माना गया है; क्योंकि सन्मार्ग के प्रेरक सभी व्रतों, पर्वों, त्योहारों में लाभ तभी उठाया जा सकता है, जब सद्गुरुओं द्वारा उनकी उपयोगिता एवं आवश्यकता सर्वसाधारण को अनुभव कराई जा सके। सद्गुरु की महिमा गाते-गाते शास्त्रकार थकते नहीं। मनीषियों ने निरंतर यही कहा है कि आत्मिक प्रगति के लिए गुरु की सहायता आवश्यक है। इसके बिना आत्म-कल्याण का द्वार खुलता नहीं और न ही…

Read More

16 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा, जानें इस दिन का महत्व और उपासना का तरीका

गुरु और गुरु पूर्णिमा का हिन्‍दू धर्म में विशेष महत्‍व है. हिन्‍दुओं में गुरु का सर्वश्रेष्‍ठ स्‍थान है. यहां तक कि गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर है क्‍योंकि वो गुरु ही है जो हमें अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही मार्ग की ओर ले जाता है. यही वजह है कि देश भर में गुरु पूर्णिमा का उत्‍सव धूमधाम से मनाया जाता है. मान्‍यता है कि इसी दिन आदिगुरु, महाभारत के रचयिता और चार वेदों के व्‍याख्‍याता महर्षि  कृष्‍ण द्वैपायन व्‍यास यानी कि महर्षि वेद व्‍यास का जन्‍म हुआ…

Read More

वृक्ष बचेंगे तो जीवन बचेगा

-योगेश कुमार गोयल- दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहर प्रदूषण के चलते बुरी तरह हांफ रहे हैं। पिछले कुछ समय से देश में पर्यावरण का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है। इसका खामियाजा देश ने वर्षभर किसी न किसी बड़ी आपदा के रूप में भुगता है। पर्यावरण संबंधी कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में स्पष्ट हो चुका है कि भारत के कई शहर दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु प्रदूषण डाटाबेस के अनुसार विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित 15 शहरों में से 14 भारत में हैं।…

Read More

अब सड़क हादसों को रोकने पर हो फोकस

-ऋतुपर्ण दवे- देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं सभी के लिए चिन्ता का कारण हैं। हालांकि 2016 की तुलना में 2017 में सड़क हादसों में थोड़ी कमी आई लेकिन 2018 के बढ़े हुए आंकड़ों ने फिर परेशानी बढ़ा दी है। सवाल यह है कि हम कब तक आंकड़ों को देखकर चिन्ता करते रहेंगे? हादसों को रोकने की खातिर भी तो कुछ ठोस करना होगा। इस साल 2019 में अब तक हुए सड़क दुर्घटनाओं ने सरकार की चिंता फिर बढ़ा दी है क्योंकि भारत ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के उस घोषणा पत्र पर…

Read More

नेता की तलाश में एक पार्टी

-प्रो. एनके सिंह- एक प्रसिद्ध इटालियन नाटक है जिसका नाम है ‘एक लेखक की तलाश में छह चरित्र’। यह एक विवादास्पद नाटक है जिसमें नाटक की प्रस्तुति पर बार-बार ‘मैड हाउस…मैड हाउस’ जोर से चिल्लाया जाता है। यह एक शास्त्रीय नाटक है जो अन्य स्थानों पर निरस्त हो जाने के बाद मिलान में लोकप्रियता हासिल कर लेता है। यह एक ऐेसी स्थिति की याद छोड़ जाता है जिसमें लेखक द्वारा स्वयं सृजित किया गया एक कैरेक्टर गुम हो जाता है और खिन्नता में लेखक की तलाश शुरू हो जाती है।…

Read More