अवैध तरीके से बच्चा रखने का लगाया आरोप

  • डॉक्टर के पक्ष में उतरा आईएमए

रामगढ़:  रामगढ़ जिले की प्रसिद्ध डॉक्टर मालती चार के खिलाफ गुरुवार को रामगढ़ महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह प्राथमिकी चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष मुन्ना कुमार पांडे ने दर्ज कराई है। कमेटी के अध्यक्ष ने डॉक्टर मालती चार पर गैर कानूनी तरीके से दो बच्चों को अपने साथ हॉस्पिटल में रखने का आरोप लगाया है। मुन्ना कुमार पांडे ने प्राथमिकी में कहा है कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि डॉक्टर मालती चार के वृंदावन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में कुछ बच्चे गैरकानूनी तरीके से रखे गए हैं। इस सूचना के आधार पर उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ उस हॉस्पिटल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दो जुड़वा बच्चे जिनकी उम्र 4 महीने की है, उनमें एक बालक और एक बालिका है को बरामद किया। दोनों बच्चों के बारे में डॉक्टर मालती चार से पूछा गया तो उन्होंने उनके एडॉप्शन को लेकर कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। यहां तक कि उनके रजिस्ट्रेशन और उनके मां-बाप के बारे में भी डॉक्टर मालती चार ने कोई जवाब नहीं दिया। इस विषय को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने गैरकानूनी माना है। इस मामले में महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस छापेमारी में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सदस्य आकाश शर्मा की भूमिका भी अहम रही है। 

डॉक्टर मालती चार के पक्ष में उतर आईएमए

वृंदावन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी और पुलिस प्रशासन की रेड पड़ने के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की रामगढ़ शाखा सक्रिय हो गई है। आईएमए के सदस्य डॉक्टर मालती चार के पक्ष में उतर आए हैं। गुरुवार को महिला थाने में पुलिस हिरासत में बैठी डॉक्टर मालती चार से मिलने के लिए आईएमए अध्यक्ष डॉ एस पी सिंह और सचिव डॉक्टर स्वराज पूरी टीम के साथ पहुंचे। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष ने प्रशासन की इस पूरी कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मालती चार ने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया। अप्रैल महीने में एक महिला गंभीर अवस्था में रात में उनके हॉस्पिटल में आई थी। उस दौरान उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। जन्म देने के बाद भी उस महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। उसके परिजनों ने महिला को बेहतर इलाज के लिए रिम्स ले जाना ज्यादा उचित समझा। वे दोनों बच्चों को वहीं छोड़ गए। ऐसी हालत में डॉक्टर मालती चार ने मानवता के नाते उन दोनों बच्चों की ना सिर्फ जान बचाई, बल्कि 4 महीनों से वे उनका मुफ्त इलाज भी कर रही हैं। दोनों बच्चे समय से पहले पैदा हुए थे जिसकी वजह से उनकी हालत काफी खराब थी। इस मुद्दे को कानून की नजर से नहीं बल्कि मानवता की नजर से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आईएमए के सदस्य एक बैठक भी करेंगे और उसके माध्यम से रामगढ़ पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो रांची के आईएमए सदस्यों से भी मदद ली जाएगी।

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