हार्स ट्रेडिंग मामले में डीजी अनुराग गुप्ता और अजय कुमार पर नहीं चलेगा केस

रांची। राज्यसभा चुनाव-2016 में हार्स ट्रेडिंग मामले में रांची के जगन्नाथपुर थाने में दर्ज मामले में दायर क्लोजर रिपोर्ट पर एसीबी की अदालत में शिकायतकर्ता गृह विभाग के अपर सचिव अविनाश चंद्र ठाकुर ने शनिवार को अपना पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस के अनुसंधान को सही बताया। साथ ही जगन्नाथपुर पुलिस के जरिये दायर क्लोजर रिपोर्ट पर आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद एसीबी के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। अब मामले में तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता (वर्तमान में डीजी सीआईडी) और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ केस नहीं चलेगा।
इससे पूर्व मामले में 27 मार्च को अदालत ने गृह विभाग के अपर सचिव अविनाश चंद्र ठाकुर को पक्ष रखने को कहा था। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 29 मार्च 2018 को जगन्नाथपुर थाने में विशेष शाखा के तत्कालीन एडीजी सह वर्तमान सीआईडी के डीजी अनुराग गुप्ता एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में रघुवर दास को भी अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था। इन पर वर्ष 2016 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में कांग्रेस की विधायक निर्मला देवी को पैसे का लालच देने का आरोप लगाया था। भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा की शिकायत पर इसकी जांच करायी थी। आयोग ने प्रथम दृष्ट्या आरोप को सही पाते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
हालांकि बाद में 14 फरवरी 2020 को तत्कालीन हेमंत सरकार ने एडीजी अनुराग गुप्ता को निलंबित कर दिया था। इस दौरान गुप्ता 15 महीने से अधिक समय तक निलंबित रहे थे। तब वे सीआईडी के एडीजी थे। उनके खिलाफ राज्यसभा चुनाव 2016 में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने के लिए बड़कागांव की तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को लालच देने और उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को धमकाने का आरोप था।

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