सर्वधर्म सदभावना समिति का सदभावना सम्मान समारोह  सम्पन्न 

रांची। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार बिहार क्लब रांची में सर्वधर्म सदभावना समिति के तत्वावधान में भव्य रुप से सदभावना सम्मान समारोह कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वधर्म सदभावना समिति के अध्यक्ष मो. इसलाम ने की एवं पूरे कार्यक्रम की सरपरस्ती मुख्य संरक्षक डा. अजीत सहाय, संरक्षक जयसिंह यादव एवं कुणाल अजमानी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त रांची राहुल कुमार सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि ए डी एम विधि व्यवस्था राजेश्वर नाथ आलोक, लोअर बाजार थना प्रभारी दयानंद कुमार, चुटिया थाना प्रभारी वेंकटेश प्रसाद,विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के प्रमुख प्रतिनिधिगण, मीडिया के प्रमुख साथियों के साथ साथ सर्वधर्म सदभावना समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को आपसी सौहार्द एवं भाईचारे के साथ विभिन्न धार्मिक त्योहारों को सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में अहम भूमिका निभाने के फलस्वरूप मोमेन्टो,शाल एवं झारखंडी प्रतीक पट्टा देकर सदभावना सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त रांची राहुल कुमार सिंहा ने अपने सम्बोधन में सर्वधर्म सदभावना समिति के तमाम लोगों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से आपसी सौहार्द की कड़ी ज्यादा मजबूत होती है। उन्होंने आगे कहा कि सदभावना सम्मान समारोह ने समाज को एक नई रौशनी प्रदान की है अत: आपसी सौहार्द का दीप सदा  जलाए रखना होगा समाज के हर वर्ग में सदभावना का दीप मिलजुलकर जलाना होगा। विशिष्ट अतिथि के रुप में ए डी एम विधि व्यवस्था राजेश्वर नाथ आलोक ने भी सदभावना समिति की सराहना करते हुए उपायुक्त रांची के बताए मार्ग पर चलने की बात कही।मुख्य संरक्षक डा.अजीत सहाय ने अपने सम्बोधन में सर्वधर्म सदभावना समिति के तमाम पदाधिकारियों एवं सदस्यों  की सराहना करते हुए कहा कि सर्वधर्म सदभावना समिति ने समाज में आपसी सौहार्द बनाते हुए सभी पर्व तयोहारों को सफल बनाने में जो अहम भूमिका निभाई है उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।श्री सहाय ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ साथ विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के प्रमुख लोगों एवं मीडिया के तमाम लोगों की भी सराहना करते हुए कहा कि सभी के आपसी सहयोग से ही पूरे राज्य में रांची सदभावना का प्रतीक के रूप में जाना जाता है। संरक्षक जयसिंह यादव एवं कुणाल अजमानी ने अपने सम्बोधन में कहा समाज में अधिकतर अच्छे लोग हैं एवं कुछ गिनती के लोग हर वर्ग में होते हैं जिनकी नीयत गलत होती है एवं अमन में बाधक बनने की कोशिश तो जरूर करते हैं पर अमनपसंद लोगों के आपसी सूझ- बूझ एवं समाज के प्रति दर्द रखने वाले अमन पसंद लोगों की एकता एवं भाईचारे के कारण गलत लोगों की मंशा विफल हो जाती है और हमारी एकता बरकरार रहती है। समाज के हर वर्ग से आपसी सौहार्द, एकता एवं भाईचारे की कड़ी को और भी मजबूत करने की बात कही। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सर्वधर्म सदभावना समिति के अध्यक्ष मो.इसलाम ने सभी तयोहारों को सफलता पूर्वकसम्पन्न किए जाने एवं विभिन्न सामाजिक कार्यों में आपसी सौहार्द के साथ अहम भूमिका निभाने में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के ऊपर से नीचे तक के तमाम पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठन के तमाम लोगों एवं विशेष रूप से मीडिया के लोगों की अहम भूमिका की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया एवं कहा कि सभी के आपसी सहयोग के कारण ही  रांची को अमन पसंद लोगों का शहर माना जाता है एवं यहां के लोगों की एकता एवं भाईचारे की लोग मिसाल देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी एकता एवं भाईचारे की कड़ी न टूटे इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपने जात- धर्म से ऊपर ऊठकर काम करना होगा और हमारी एकता एवं भाईचारे की कड़ी को और भी मजबूत करने के लिए सभी को  निस्वार्थ भाव से एकजुट होकर कार्य करना होगा।मो. इसलाम ने आगे कहा कि सभी के आपसी सहयोग से हम सभी ने मिलकर हर मुश्किल कार्यों को सफलता पूर्वक आसान किया है जिसके लिए आज के कार्यक्रम के माध्यम से सभी को सर्वधर्म सदभावना समिति के तत्वावधान में सदभावना सम्मान समारोह कार्यक्रम कर सभी को सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मो. इश्तेयाक ,परमजीत सिंह टिंकू, मंजीत सिंह,प्रदीप राय बाबू,परवेज आलम, फिरोज अंसारी, राजन वर्मा, सुहैल खान,मौलाना तहजीबुल हसन, आशुतोष मिश्रा, तन्वीर आलम, मो. अब्दुल्लाह, संजय सिन्हा गोपू, जनक नायक, अशरफ अंसारी, सोनू भाई, जमील गद्दी, जावेद अनवर, शमीम कुरैशी, आफताब आलम, आशुतोष मिश्रा,मो. मोजाहिद, प्रो. परवेज, गौतम वैद्य, आदिल रशीद, सैयद  फिरोज, विशाल कुमार सिंह, बुलंद अख्तर, अशोक यादव,इबरार गद्दी सहित सैकड़ों गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे एवं सदभावना सम्मान से सम्मानित किए गए। धन्यवाद ज्ञापन प्रदीप राय बाबू ने किया।

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