विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों का हंगामा

रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को सदन शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने सरकार पर हमला बोला। सदन के बाहर विरोध भी जताया। शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित विधायक बिरंची नारायण ने सरकार को युवा विरोधी और निकम्मा बताया। उन्होंने कहा कि नियोजन नीति स्पष्ट करने में सरकार विफल है। उसके चलते लाखों युवा सड़क पर हैं। संविधान की नौवीं अनुसूची में नियोजन नीति को शामिल करने की बात कर वह युवाओं को छलने में लगी है।
अनंत ओझा ने कहा कि यह युवा विरोधी सरकार है। राज्यपाल ने वाजिब तथ्यों के साथ नियोजन नीति के लिए सुझाव दिए थे लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। एक बार फिर युवाओं का भविष्य अधर में है। शशिभूषण मेहता ने कहा कि बालू, पानी प्रकृति का उपहार है लेकिन इस सरकार में इसकी भी लूट है। थानेदारों के रवैये से जनता त्रस्त है। अपर्णा सेन गुप्ता ने कहा कि सरकार महिला विरोधी है। विधि व्यवस्था पस्त रहने से महिलाएं भयभीत हैं। अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
परिवहन मंत्री ने सदन के बाहर भाजपा विधायकों को आदिवासी विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि जो यहां के आदिवासियों का दर्द समझते हैं, वे नियोजन नीति का समर्थन करेंगे ही। भाजपा इस मामले में आदिवासी विरोधी राह पर है।

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