विंदू बसाईर में पुजा के दौरान चढ़ाये गए नारियलो में हो जाती है दरारें।

रांची जिला के प्रोफेसर व छात्रो ने नाउज स्थित सतयुगी प्राचीन स्थल विंदू बसाईर व टोंगरी का किया स्थल भ्रमण।

रांची जिला के बुढ़मू प्रखंड के नाउज में आस्था व भक्ति का स्थल विंदू बसाईर एवं टोंगरी में आदिवासी समाज के प्रोफेसर एवं छात्रों के द्वारा रविवार को भ्रमण किया गया। इस दौरान मंच बनाकर छात्रों को उक्त स्थल से परिचित कराया गया। वहीं सतयुगी प्राचीन मुंडा धर्म ट्रस्ट के अध्यक्ष महेन्द्र मुंडा के द्वारा चिंहित स्थलों पर पुजा कराया गया।और विंदू बसाईर की कहानियों को अपने संबोधन में बताया। वहीं पुजा स्थलों पर चढ़ये गए नारियलो में खुद ब खुद दरारें आ गई। जो एक अलौकिक शक्ति का परिचय देखा गया। इस पर श्री महेन्द्र मुंडा ने कहा हम लोग जब पूजा करते हैं। ऐसा हो जाता है। पर कैसे होता है। हम लोग आज तक नहीं जा सके हैं। और भक्ति का शक्ति मानते हैं। और इस स्थल का अराधना करते आ रहे हैं। इस स्थल का इतिहास सतयुगी माना जाता है। इसके कथाओं से आस पास के सभी लोग लोग अपने पुर्वजों से सुनते आये है। जो आज भी धरोहर स्वरूप विराजमान हैं। मौके पर सोमा सिंह मुंडा, चम्पा देवी, बसंती मुंडा, शकुंतला बेसरा, विशेश्वर मुंडा, मनय मुंडा, डॉ किशोर सुरिन, डॉ विशेश्वर मुंडा, डॉ अजीत मुंडा, जुरा, बिरसा मुंडा, बसंत पहान नाउज, फुलचंद दिघवार, जगदेव मुंडा, होरो, सहित सिमडेगा कालेज सिमडेगा, बिरसा कालेज खुटी, जेएन कालेज रांची, डोरंडा कालेज डोरंडा, मारवाड़ी कालेज, राम लखन सिंह यादव कालेज रांची, एस एस मेमोरियल कालेज रांची, विश्वविद्यालय मुंडारी विभाग रांची, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से सैकड़ों छात्रों के साथ प्रोफेसर व प्रशासनिक अफसरों की रही उपस्थिति। वहीं दुबई एथलेटिक्स विजेता बुढ़मू कोटारी निवासी सीता मुंडा को सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में नाउज ग्राम के युवाओं का सराहनीय योगदान से कार्यक्रम सफल रहा।

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