वनभूमि मामले में समाधान की पहल करे सरकार : झाविमो

रांची। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह आदिवासी विरोधी है। विडम्बना देखिए भाजपा सरकार की उदासीनता के कारण आज देश के 11 लाख आदिवासी परिवार पर वनभूमि से बेदखल होने की तलवार लटक रही है।
गुरुवार को उन्होंने कहा कि झारखंड के भी 28 हजार परिवार इसकी जद में हैं। आश्चर्य की बात है कि जल, जंगल और जमीन के पर्याय माने वाले आदिवासी समुदाय पर ही आज उनके अस्तित्व का संकट खड़ा है। इतिहास गवाह है कि जहां भी आदिवासियों की आबादी है वहीं जंगल सुरक्षित है। सिंह ने कहा कि आज केन्द्र व राज्य सरकार की लापरवाही के कारण उसी जंगल-जमीन से उन्हें बेदखल करने की साजिश हो रही है। आज राज्य के मुखिया घड़ियाली आंसू बहाते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पीटिशन दायर करने की बात कह रहे हैं, यह महज जनता को बेवकूफ बनाने का हथकंडा है। जब सुप्रीम कोर्ट में अपने तथ्यों को रखना था तब केन्द्र व झारखंड सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से वहां नहीं रखा और जब कोर्ट ने आदेश पारित कर दिया तब आज घड़ियाली आंसू बहाने का काम किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार अपने पक्ष को सही तरीके से रखी होती तो आज ऐसी नौबत ही नहीं आती। भाजपा आदिवासी प्रेम का केवल ढोंग करती है, वास्तविकता इससे परे है। झाविमो की मांग है कि सरकार अपनी इस बड़ी भूल का प्रायश्चित करते हुए इस मामले का अविलंब समाधान करने की दिशा में उचित पहल करे ताकि एक भी परिवार नहीं उजड़े।

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