रांची में घायलों की जान बचाने के उद्देश्य से ऑटो चालकों ने शुरू की फ्री एम्बुलेंस सेवा

रांची। सड़क हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। आये दिन सड़क हादसे में लोगों की जान सिर्फ इसलिए चली जाती है कि उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे ही दर्द को समझते हुए रांची जिले के कुछ वाहन चालकों की ओर से एक पहल की गई है, जिसके तहत सड़क हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए फ्री एम्बुलेंस सेवा मुहैया कराई जा रही है।
दरअसल रांची के कुछ वाहन चालकों ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को त्वरित अस्पताल पहुंचाने के लिए अपनी एक संस्था की तरफ से दो ऑटो एंबुलेंस की शुरुआत की है, जो राजधानी के विभिन्न इलाकों में जा जाकर लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम करती है। इसकी शुरुआत चालक कल्याण संघ के सभी चालक सदस्यों के द्वारा की गई है।
इस संबंध में चालक कल्याण संघ के वरिष्ठ सदस्य बजरंगी सिंह ने बताया कि सड़क हादसे की घटना को हम चालकों ने करीब से देखा है। इसीलिए हम लोगों को पता है कि घायलों को कब तक अस्पताल पहुंचाना होता है और सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी सोच के साथ सभी वाहन चालकों के द्वारा इस सेवा की शुरुआत की गई है, ताकि ऑटो एंबुलेंस सेवा के माध्यम से लोगों को मुफ्त में सही समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि वह खुद भी सड़क हादसे में घायल हुए हैं और उनका एक पैर काम नहीं करता। सड़क हादसे में यदि सही समय पर इलाज ना हो तो लोगों को जिंदगी भर के लिए अपंगता हो जाती है।
इसकी शुरुआत करने वाले चालकों ने कहा कि कई बार लोग घायलों को इसलिए भी अस्पताल नहीं पहुंचाते क्योंकि उन्हें अपने वाहनों के गंदा होने की चिंता सताती है या फिर कानूनी प्रक्रिया में फंसने का डर होता है।
एंबुलेंस ऑटो चलाकर लोगों को सेवा पहुंचा रहे चालक मोहम्मद नसीम ने कहा कि इस पहल से लोगों को सीधा लाभ पहुंच रहा है। नसीम ने बताया कि इस पहल के माध्यम से हम समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि जब हम चालक समुदाय एक अच्छी सोच के साथ यह बेहतर कार्य कर सकते हैं तो फिर समाज के जो समृद्ध लोग हैं वो क्यों नहीं। वहीं चालकों ने राज्य सरकार से यह आग्रह किया है कि उनके इस बेहतर पहल को सरकार भी समर्थन करे और उनके ऑटो के परिवहन टैक्स में छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों की यह पहल कहीं ना कहीं घायलों को राहत पहुंचाएगी, लेकिन जरूरत है कि चालकों की इस पहल को सरकारी मदद मिले ताकि अन्य संगठनों के द्वारा भी इस तरह के सामाजिक कार्य को बढ़ावा मिल सके।

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