रांची उपायुक्त और एसएसपी ने सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ को किया रवाना

रांची। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा और एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने शनिवार को समाहरणालय से सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ को संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपायुक्त ने रथ रवाना करने के दौरान कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरुकता रथ चलेगा जो लोगों को यातायात के नियमों की जानकारी देते हुए जागरूक करेगा।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को नियमित रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है। दुर्घटना ना हो इसको लेकर यातायात नियमों का पालन करें। सड़क सुरक्षा आज बढ़ती आबादी और शहरीकरण में सड़क सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण गतिविधि हम सभी के लिए हो जाती है। सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ चुकी है। इस कारण दुर्घटना हो रही है।
उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि दो पहिया वाहन से यात्रा करते समय 86 प्रतिशत मृत्यु हो रही है। चार पहिया वाहन से 80 प्रतिशत की मृत्यु आवागमन के समय सीट बेल्ट नहीं लगाने के कारण हो रही है। इसलिए कुछ छोटी सावधानियां आपको बड़े शारीरिक नुकसान से बचा सकती है। इसलिए दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाए। चार पहिया चलाते वक्त सीट बेल्ट जरूर लगाए।
हिट एण्ड रन, हिट एण्ड रन (वाहन द्वारा दुर्घटना कर भाग जाने के परिस्थिति) में पीड़ित पक्ष को मुआवजा दिलाने का प्रावधान है। सड़क दुर्घटना से मृत्यु होने पर यह दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल होने पर यह 50 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। मुआवजा दिलाने के लिए जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।
-झारखंड गुड सेमिरिटन पॉलिसी, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर यानि एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर, गुड सेमिरिटन को 2000 पुरस्कार राशि दी जाएगी। यदि दो गुड सेमिरिटन किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने में सहायता करते है, तो दोनों गुड सेमिरिटन को दो-दो हजार का पुरस्कार राशि दी जायगी। यदि दो से अधिक गुड सेमिरिटन घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाते है, तो सरकार के जरिए 5000 पुरस्कार राशि, उन सभी के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। यदि गुड सेमिरिटन को पुलिस या अदालत में जांच के लिए बुलाया जाता है, तो प्रतिदिन एक हजार की दर से गुड सेमिरिटन के बैंक खाते में हस्तांतरित किये जाएंगे। पीड़ित को वाहन से अस्पताल ले जाने पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। यह पुरस्कार राशि, जांच के लिए बुलाए जाने पर दी जाने वाली राशि तथा वाहन पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति राशि निकटवर्ती स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा दी जायगी।

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